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अंडर ग्राउंड केबल से शुरु हुई बिजली आपूर्ति

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अंडर ग्राउंड केबल से शुरू हुई बिजली आपूर्ति
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ललितपुर। शहर में शीघ्र ही कई मुहल्लों के उपभोक्ताओं को झूलते तारों से मुक्ति मिल जाएगी, इसकी शुरुआत गोविंदनगर और बाहुबलि नगर से की गई है। बाहुबलि नगर और गोविंदनगर में बाहुबलि नगर में केबल बिछाने के साथ ही अंडरग्राउंड लाइन से बिजली आपूर्ति का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। मुहल्लों के एक सैकड़ा से अधिक मकानों की बिजली अंडरग्राउंड लाइन से शुरू हो गई है, जबकि इन घरों में विद्युत मीटर भी हटाकर नये मीटर लगाए हैं।
शहर में करीब आठ फीडरों के माध्यम से मुहल्लों को बिजली आपूर्ति प्रदान की जा रही है। बिजली का संचालन अब तक शहर में खंभों पर लगे विद्युत तारों के माध्यम से किया जा रहा है। लेकिन शासन की मंशानुसार विद्युत चोरी रोकने और लाइनलॉस कम करने के लिए शहरी क्षेत्र में करीब 44 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड केबल बिछाई गई है। शहर में अंडरग्राउंड केबल बिछाने की घोषणा खुद एमडी ने ललितपुर आने के दौरान की थी। इसके बाद शहर में अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम शुरू किया गया। इसके तहत शहर में करीब फीडर नंबर एक, तीन, चार, पांच, नेहरूनगर, गोविंदनगर व पिसनारी फीडर को अंडरग्राउंड युक्त किया गया है। हालांकि इसमें फीडर नंबर चार को पूरी तरह अंडरग्राउंड युक्त किया गया है। जबकि एक नंबर फीडर के आधे क्षेत्र में ही अंडरग्राउंड केबल बिछाई गई है। वहीं, बाकी जिन फीडरों के मुहल्लों को अंडरग्राउंड युक्त किया गया है, उन फीडर के कुछ भाग भी अंडरग्राउंड से वंचित रह गए हैं। फिलहाल शनिवार को शहर के दो मुहल्लों में करीब दो सैकड़ों घरों को अंडरग्राउंड केबल से बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। बिजली आपूर्ति शुरू करने के पूर्व उपभोक्ताओं के खंभों से कनेक्शन काटे गए और फिर घरों के बाहर या घरों के अंदर लगे मीटरों को बदलकर नए मीटर भी लगाए गए और अंडरग्राउंड केबलों से कनेक्शन जोड़कर बिजली आपूर्ति सुचारु की गई।
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बिजली चोरी पर कसेगी नकेल
शहर के मुहल्लों में अंडरग्राउंड केबल से बिजली आपूर्ति होने के बाद बहुत हद तक बिजली चोरी पर अंकुश लग सकेगा। साथ ही लाइनलॉस भी कम हो सकेगा। इसके अलावा अंडरग्राउंड केबल की क्षमता के अनुसार ही उस पर उतने लोड के कनेक्शन किए जा सकेंगे, जिससे यह केबलें फटने का खतरा भी कम हो सकेगा। अभी तक खुले तारों या बंच केबल पर भी अतिरिक्त भार युक्त कनेक्शन जारी कर दिए जाते थे, जिससे आए दिन फाल्ट आदि की स्थिति बनी रहती थी। लेकिन अब अंडरग्राउंड केबल पर सही बैलेंसिंग से कनेक्शन देने पर केबल फटने का खतरा काफी कम रहेगा।

इन फीडरों में नहीं बिछी अंडर ग्राउंड केबल
शहर में 44 करोड़ रुपये की लागत से बिछाई जाने वाली अंडरग्राउंड विद्युत केबल योजना जरूर लाई गई, लेकिन अब भी पूरा शहर अंडरग्राउंड केबल युक्त नहीं हो सका है। इसके तहत जिन फीडरों के तहत अंडरग्राउंड केबल बिछाई गई है, उनमें ही फीडर नंबर एक, तीन, पिसनारी, नेहरूनगर, में पूरी तरह अंडरग्राउंड केबल युक्त नहीं किया जा सका है। इसमें फीडर नंबर एक के तो आधे मुहल्लों में ही अंडरग्राउंड नहीं बिछाई है। वहीं, नझाई बाजार सब स्टेशन अंतर्गत तालाबपुरा फीडर के तहत सिर्फ हाइटेंशन लाइन ही अंडरग्राउंड की गई है, यहां एलटी लाइन अंडरग्राउंड नहीं हो सकी है। जबकि घंटाघर फीडर के मुहल्लों में खंभों पर बंच केबल बिछाई गई है, यहां अंडरग्राउंड केबल का कार्य बिल्कुल नहीं किया गया। इसी प्रकार फीडर नंबर दो में भी अंडरग्राउंड केबल बिछाने का कोई कार्य नहीं किया गया है।
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शहर में अंडरग्राउंड केबल का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, अब उपभोक्ताओं को कनेक्शन देने का कार्य चल रहा है। वर्तमान में गोविंदनगर और बाहुबलि नगर में करीब 200 उपभोक्ताओं के कनेक्शन को अंडर ग्राउंड लाइन से जोड़ दिया गया है।
नरेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, राज अंडरग्राउंड केबल कंपनी।
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