घाटे से उबारने पर मिलेगा बिजली अधिकारियों को इनाम
ललितपुर। लगातार घाटे में चल रहे बिजली विभाग को घाटे से उबारने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने विद्युत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसके तहत बेची जाने वाली बिजली के सापेक्ष राजस्व वसूली (थ्रू-रेट) में वृृद्घि होने पर संबंधित विद्युत वितरण खंड में अभियंताओं से लेकर कर्मचारियों को नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना नवंबर और दिसंबर के लिए ही लागू की गई है। राजस्व वसूली के आधार पर जनवरी में यह प्रोत्साहन राशि वसूली के आधार पर दी जाएगी और सफलता के आधार पर कार्पोरेशन इसे आगे भी बढ़ा सकता है।
विद्युत वितरण विभाग ट्रांसमिशन से बिजली लेकर विभिन्न 66 व 33 केवी के विद्युत सब स्टेशनों के माध्यम से पूरे जनपद को रोशन करता है और घर-घर बिजली आपूर्ति करता है। ट्रांसमिशन से जब बिजली दी जाती है तो वहां स्थापित हाइटेक मीटरों में दी जाने वाली बिजली को यूनिट में दर्शाया जाता है और हर यूनिट का हिसाब वहां रखा जाता है। ट्रांसमिशन से सब स्टेशनों तक पहुंचने में कई लाख यूनिट बिजली लाइन लास में खर्च हो जाती है। इसके बाद घरों व विभिन्न प्रतिष्ठानों तक पहुंचने से पहले लोग विभिन्न माध्यमों से बिजली चोरी भी कर लेते हैं। इससे बिजली विभाग को लाखों यूनिट बिजली का घाटा हो जाता है। जबकि बिजली ट्रांसमिशन से जितनी बिजली प्राप्त होती है और उपभोक्ताओं से जितनी बिजली उपभोग की राशि वसूली जाती है, वह उसका थ्रू-रेट कहा जाता है। विभाग वर्तमान में निगम से 4.50 रुपये प्रति यूनिट से अधिक के हिसाब से बिजली की खरीद करता है, लेकिन उपभोक्ताओं से मात्र 2.60 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से ही वसूली हो रही है। इस प्रकार विद्युत वितरण खंड को जनपद में करीब 1.80 रुपये प्रति यूनिट के का नुकसान हो रहा है। जनपद में करीब 42 मेगावाट बिजली (दस लाख यूनिट बिजली) की खपत हो रही है। इसका आंकलन लगाने से जनपद में बिजली वितरण खंड को करीब अठारह लाख रुपये हर माह का नुकसान झेलना पड़ रहा है। यदि पूरे प्रदेश का आकलन किया जाए तो बिजली विभाग को हर माह कई सौ करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस नुकसान से बिजली विभाग को उबारने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन ने बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसके तहत थ्रू-रेट में जितनी फीसदी वृद्घि होगी, उसकी करीब दस फीसदी राशि उस खंड के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। हालांकि यह थ्रू-रेट में वृद्घि पिछले साल से कम नहीं होनी चाहिए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में थ्रू-रेट का अलग-अलग मानक तय किया गया है। इसके साथ ही यदि प्रोत्साहन योजना में सफलता मिलती है और थ्रू-रेट पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहता है तो प्रोत्साहन राशि की इस सफलता पर इस योजना को आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। इस प्रोत्साहन योजना का पत्र भी विद्युत वितरण खंडों को भेजा गया है, जिसके चलते विद्युत अधिकारियों ने चेकिंग और राजस्व वसूली अभियान में भी तेजी ला दी है।