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नगर पालिका परिषद के टेंडर प्रकाशन की जांच कराएंगे डीएम

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नगर पालिका के टेंडर प्रकाशन की जांच कराएंगे डीएम
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ललितपुर। बीते दिनों नगर पालिका परिषद द्वारा कराए गए टेंडर जांच के घेरे में आ गए हैं। जिलाधिकारी ने टेंडर प्रकाशन की जांच कराने का निर्णय लिया है। वहीं, नगर कांग्रेस कमेटी पालिका की दोष कार्यप्रणाली से खफा चल रही है।
बीते दिनों विभिन्न वार्डों में कराए जाने वाले कार्यों का टेंडर प्रकाशन कराया गया है। जिसको लेकर नगर कांग्रेस कमेटी के नगर अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। इसमें आरोप लगाया है कि इन टेंडरों में करीबी ठेकेदारों को ठेके दिलाने की कोशिश की गई है। कई ठेकेदारों को टेंडर प्रकाशन की जानकारी भी नहीं लग सकी। यदि निकाले गए टेंडर में ठेकेदारों से प्रतिस्पर्धा कराई जाती है तो सरकार को लाखों रुपये का फायदा होता है। लेकिन ऐसा नहीं किया गया है जिससे ठेकेदारों को प्राप्त ठेका में ज्यादा मुनाफा होने की संभावना है। वार्ड अठारह में प्रेम अग्रवाल के मकान से लेकर धर्मेंद्र जैन के मकान तक सड़क का निर्माण पहले ही कराया जा चुका है। इसी तरह सुम्मेरा तालाब के गहराई व आउट सोर्सिंग के ठेके का मामला है। इन ठेकों की शिकायत पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों से की जा चुकी है। जिसमें अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे पालिका में बरती जा रही अनियमितताओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टोलरेंस की नीति पर भी सवाल खडे़ किए थे। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने इसे संज्ञान में लेते हुए टेंडर की जांच कराने का निर्णय लिया है। इससे नगर पालिका में खलबली मच गई है।
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पटल परिवर्तन भी ठंडे बस्ते में
नगर पालिका परिषद में उच्चस्थ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं हो पा रहा है। बीते माहों में शासन में बैठे अफसरों ने तीन साल एक पटल पर पूरा कर चुके लिपिकों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे। जिसका अभी तक अनुपालन नहीं हो सका है। बीते दिनों पालिकाध्यक्ष रजनी साहू ने दो लिपिकों के पटल बदले थे, उनमें से नजूल पटल पर अभी तक किसी तैनाती नहीं हो सकी। इस समय पूर्व पटल सहायक से ही इसका कार्य लिया जा रहा है।
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