डीएम ने समयावधि में विकास कराने के दिए निर्देश
सांसद के आदर्श ग्राम पारौल में कराए गए कामों की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने चयनित सांसद आदर्श ग्राम पारौल के विकास की समीक्षा की। इस दौरान डीएम ने विकास कार्यों को तय समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण ने आदर्श ग्राम पारौल के संतृप्तीकरण की प्रगति के बारे में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों से जानकारी ली। सर्वप्रथम जिला समन्वयक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक इकाई (कौशल विकास मिशन) ने बताया कि पंद्रह जनवरी तक कौशल विकास कैम्प का आयोजन कर लक्ष्य पूर्ण करने के लिए प्रशिक्षणार्थियों का पंजीकरण करा लिया गया है। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्राम पारौल में जर्जर तार बदलने, लैम्प स्पेन लाइनों हेतु 14 खम्भे, 800 मीटर की नई लाइन बनाये जाने, नई लाइन बनवाने हेतु 11 पोलों की स्थापना की गई है। इसी क्रम में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ग्राम में पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण तथा बधियाकरण किया गया है। पशु प्रजनन कार्य के लिए कृत्रिम गर्भाधान (उन्नतशील नस्ल के गाय/भैंस/साड़ों द्वारा) वायफ केन्द्र ग्राम बछरई से ग्राम पारौल के लिए स्थानान्तरण का कार्य प्रस्तावित हैै। बकरी विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत पशु चिकित्सालय, नाराहट में उन्नतशील नस्ल के बकरे रखे गये हैं। ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा में सम्बंधित अधिकारी द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा लाभार्थियों को बैंको से सेवा उद्योग एवं उत्पादन आधारित उद्योगों की स्थापना का कार्य तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में योजनाओं में पात्र लाभार्थियों का चयन करवा कर बैंको से वित्त पोषण का प्रयास किया जायेगा। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना एवं प्रधानमंत्री रोजागर सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत ऑनलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं। सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्राम पंचायत द्वारा 10 बोरिंग का लक्ष्य रखा गया है इसमें बजट का अभाव बना हुआ है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायत पारौल में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया की नाराहट शाखा के अन्तर्गत सीबीएस इनऐबेल्ड बैंकिंग आउटलेट संचालित है। यदि शासन द्वारा किसी योजना विशेष की स्वीकृति दी जाती है तो उसे अनिवार्य रुप से पंचायत के पास की शाखाओं द्वारा वित्त पोषण किया जायेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्तर्गत ग्रामीण क्षे में वर्ष 2011 की जनसंख्या से 79.56 प्रतिशत जनसंख्या को आच्छादित यिे जाने का प्राविधान है। ग्राम पारौल में वर्ष 2011 के अनुसार 3180 जनसंख्या है। जनसंख्या 2530 के सापेक्ष 1707 को आच्छादित कर लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जननी सुुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत टीकाकरण, संस्थागत प्रसव तथा सुरक्षा योजना के तहत प्रोत्साहन राशि 1400 रूपए तथा मातृ वन्दना योजना के अन्तर्गत तीन किश्तों में 5000 रूपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बताया गया कि ग्राम में सभी बच्चों का नियमित वजन एवं स्वास्थ्य जांच करायी जा रही है। पोषाहार शत-प्रतिशत बच्चों को वितरित किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण व वजन कराया जा रहा है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा प्रताप सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके शाक्य, जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एसके श्रीवास्तव, उप निदेशक कृषि प्रसार संतोष कुमार सविता, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चन्द्र राय सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।