पालिका के सामने दिखाई नहीं देता अतिक्रमण
ललितपुर। नगर पालिका परिषद के अफसर अतिक्रमणकारियों पर दरियादली दिखा रहे हैं। इसका उदाहरण पालिका कार्यालय के सामने ही पसरा अतिक्रमण है। जब यह हाल पालिका परिसर का है तो शहर के दूसरे हिस्सों में पसरे अतिक्रमण की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
नगर पालिका की सीमा विस्तार हो गया है। जिस पर पालिका कार्ययोजना तैयार कर खाली स्थानों पर पार्क, सड़क व नाली बनाकर शहर को सुंदरता बनाने का प्रयास कर रही है। लेकिन इसमें सबसे बड़ा बाधक अतिक्रमण, कब्जा बना हुआ है। जिस कारण शहर की सुंदरता कायम नहीं हो रही है। सबसे ज्यादा अतिक्रमण शाही मार्ग पर है। कई जगहों पर फुटपाथ पूरी तरह गायब हो गया है। राहगीर बीच सड़क पर पैदल चलने को मजबूर हैं। इसमें नगर पालिका की उदासीनता प्रकट हो रही है। वर्तमान में कहीं कच्चा तो कहीं पक्का अतिक्रमण है। इसका विपरीत प्रभाव सफाई पर भी पड़ रहा है। पालिका कार्यालय के इर्दगिर्द ही अतिक्रमण देखा जा सकता है। जहां सामने फल, फास्ट फूड के ठेले लगाए जा रहे हैं तो बगल की गली में सिन्टेक्स, टाइल्स आदि रखे जाते हैं। स्वतंत्रता सेनानी बृजनंदन किलेदार की प्रतिमा के बगल में नाश्ता का ठेला लग रहा है। इससे कुछ आगे चलने पर किनारे से ठेला खड़े हो रहे हैं। निजी दुकानदार भी अतिक्रमण करने में पीछे नहीं हैं। उन्होंने पक्की दुकान से हटकर आगे फुटपाथ पर सामान रखना शुरू कर दिया है जो जगह बचती है उसमें ग्राहकों की बाइकें खड़ी हो जाती हैं, ऐसे में राहगीरों के लिए पैदल चलने के लिए जगह ही नहीं बचती है। महावीर प्याऊ भी अतिक्रमण की चपेट में है। सावरकर चौक के पास ऐसा ही हाल है। वहीं, पालिका गोविंद नगर स्थित नजूल भूमि पर पसरे कब्जा पर अनजान बनी हुई है। इसके अलावा मुहल्लों में भी अतिक्रमण सिर चढ़कर बोल रहा है। जिसे नगर पालिका के कर्मी अपनी मौन स्वीकृति दिए हुए हैं। जिसका खामियाजा आम जन मानस को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
वोट की राजनीति में मलाई काट रहे अतिक्रमणकारी
नगर पालिका परिषद के बोर्ड में जो चुनकर प्रतिनिधि पहुंचते हैं, उन्हें अपने वोटों के नफा नुकसान की चिंता सताती रहती है। यही वजह है कि अतिक्रमणकारी वोट की राजनीति में मलाई काट रहे हैं। जो जहां काबिज है, वह वहां अपना स्थान बढ़ाता जा रहा है, ऐसे में कई सड़कें सिकुड़ गई।
फुटपाथी होंगे विस्थापित
नो वेंडिंग जोन में ठेला व गुमटी लगाने वाले दुकानदारों को विस्थापित किया जाएगा। जिस पर डूडा विभाग काम कर रहा है।
आरके लवानियां, प्रभारी अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।