476 वैवाहिक जोड़ों का होगा सामूहिक विवाह
ललितपुर।
निर्धन परिवारों के विवाह में अब गरीबी आड़े नहीं आएगी। जहां जिम्मेदार विभाग जोड़ों की शादी के लिए कार्यक्रम आयोजित करेगा तो वहीं समाज कल्याण द्वारा गृहस्थी बसाने के लिए कन्या के खाते में 20 हजार रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनांतर्गत जिले के 476 जोड़ों का सामूहिक कराने का लक्ष्य रखा गया है। उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 31 दिसंबर तक आवेदन मांगे हैं।
योगी सरकार ने शादी अनुदान योजना में बदलाव किया है। पहले योजनांतर्गत पात्र लाभार्थी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी। अब शासन ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कराने का निर्णय लिया है। इसके पीछे मकसद सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही ने बताया है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी के लिए लागू ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के संबंध में समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके तहत 25 जनवरी 18 तक जिले के 476 वैवाहिक जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री, सांसद और विधायकगण सम्मिलित होंगे। योजना में लाभान्वित होने के लिए कन्या के अभिभावक को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है। आवेदक के परिवार की आय गरीबी रेखा की सीमा के अंतर्गत होनी चाहिए या जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया हो कि लाभार्थी की स्थिति नितांत दैयनीय एवं वंचित है। आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक नहीं होना चाहिए। इसी तरह वर के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण हो। आयु की पुष्टि के लिए स्कूल शैक्षिक रिकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, आधार कार्ड मान्य होंगे। विवाह के लिए निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांगजन अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो, को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। निर्धन परिवारों की कन्या के विवाह, विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा का पुनर्विवाह के लिए लाभ प्राप्त करने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। विवाह कार्यक्रम सम्पन्न होने के उपरांत संबंधित निकाय द्वारा वर-वधू को विवाह का प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजन के लिए नगरीय निकाय, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत तथा ऐसी शासकीय, अर्द्ध शासकीय संस्थाएं, स्वैच्छिक संस्थाएं (एनजीओ) जिन्हें जिलाधिकारी द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए अधिकृत किया गया हो। कार्यक्रम आयोजन के लिए संबंधित निकाय द्वारा एक विवाह कार्यक्रम समिति गठित की जाएगी जो विवाह कार्यक्रम के लिए तिथि, स्थल का चयन, टेंट, भोजन एवं पानी, विवाह संस्कार, अतिथियों के सत्कार की व्यवस्था करेगी। योजनांतर्गत कन्या के दांपत्य जीवन में खुशहाली एवं गृहस्थी की स्थापना के लिए सहायता राशि 20,000 रुपये कन्या के खाते में अंतरित की जाएगी। वहीं, विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा के मामले में सहायता राशि 25,000 रुपये दी जाएगी। इसके अलावा विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री (चॉदी की बिछिया, पायल व कपड़े तथा 07 बर्तन एवं मोबाइल) के लिए 10,000 रुपये की व्यवस्था की गई है। सामग्री और मूल्य का निर्धारण जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा।
ये जमा करने होंगे दस्तावेज
इच्छुक एवं पात्र व्यक्ति अपना गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन का तहसील से निर्गत आय प्रमाण पत्र, बेटी एवं वर का आयु प्रमाण पत्र, पहचान पत्र/आधार कार्ड संलग्न कर जिला समाज कल्याण अधिकारी के विकास भवन में कक्ष संख्या 12 में कार्यालय में अथवा विकास खंड कार्यालय में 31 दिसंबर 2017 तक जमा कर सकते हैं।