राजघाट रोड ने पकड़ी रफ्तार, देवगढ़ रोड उड़ा रही धूल
ललितपुर।
जनपद में दो प्रमुख राजघाट और देवगढ़ रोड का निर्माण ने गति पकड़ ली है। वर्तमान में राजघाट रोड का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है, तो देवगढ़ रोड पर अब भी धूल उड़ रही है। देवगढ़ रोड से जुड़े दर्जनों गांव के लोग रोजाना आवागमन करने या रोड पर गांव होने के कारण धूल से परेशान हो रहे हैं। केंद्रीय निर्माण निधि के माध्यम से बनाए जा रहे 22 किलोमीटर लंबे राजघाट रोड का निर्माण जहां तेजी के साथ चल रहा है, वहीं इस रोड पर अधिकांशत: बड़ी गिट्टी युक्त डामरीकरण की लेयर भी बिछा दी गई है। इस रोड के निर्माण में छोटी बारीक गिट्टी के साथ डामरीकरण का कार्य बाकी रह गया है, हालांकि इलाइट चौराहा से पिसनारी तिराहा के आगे करीब दो सौ मीटर तक ही डामरीकरण का कार्य हुआ है। जबकि इस पेट्रोल पंप के पास से रेलवे लाइन क्रॉसिंग तक पुरानी रोड का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। जबकि रेलवे क्रॉसिंग से राजघाट तक अधिकांश क्षेत्र में बड़ी गिट्टी युक्त डामरीकरण की लेयर बिछा दी गई है। इससे राजघाट रोड पर वाहनों की स्पीड तो 10-15 से बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो गई है और कई वर्षों बाद इस रोड को गड्ढों व धूल से मुक्ति मिल सकी है। वहीं, देवगढ़ रोड की बात करें तो विगत सवा माह पूर्व सड़क निर्माण के लिए खुदाई का कार्य शुरू हुआ था, जिसमें कई किलोमीटर की सड़क एक साथ खोद दी गई और इसके बाद पूरी रोड पर एक साथ कई परतों के साथ मिट्टी और फिर बड़ी गिट्टी बिछा दी गई। इससे पूरी रोड पर एक साथ काम होने के कारण करीब 60 गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रोड पर गिट्टी तो बिछा दी गई, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी का छिड़काव नहीं होने के कारण यह पूरी निर्माणाधीन सड़क वाहन निकलने पर धूल मय हो जाती है। इस पूरी रोड का निर्माण होने के चलते यहां पर पैदल चलना भी आम लोगों का दूूूभर हो गया है। जानकारों के अनुसार इस रोड के पूरी तरह से बनने से अब भी इस से डेढ़ माह तक या फिर इससे भी अधिक समय लग सकता है। बता दें कि ललितपुर से राजघाट रोड का निर्माण 37.82 करोड़ रुपये और ललितपुर से देवगढ़ रोड का निर्माण 53.77 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है।
वीआईपी रोड का हाल खराब
शहर की सीमा के भीतर लोक निर्माण विभाग द्वारा नौ से 10 किलोमीटर लंबाई की सड़क बनाई गई है। लेकिन सबसे ज्यादा समस्या शहरवासियों को वीआईपी रोड घंटाघर से रेलवे स्टेशन मार्ग व गल्ला मंडी मार्ग पर होती है। घंटाघर से रेलवे स्टेशन रोड पर कई पूर्व नपाध्यक्ष, विधायक, सांसद, दो पूर्व मंत्री और वर्तमान राज्यमंत्री का आवास भी इसी वीआईपी रोड पर पड़ता है। हर रोज वीआईपी इसी मार्ग से हिचकोले खाते हुए एसी गाड़ी में निकलते तो हैं, लेकिन इस मार्ग के निर्माण की गति पर गंभीरता नहीं दिखाते हैं। इसी मार्ग पर शहर की आस्था से जुड़े हुए बड़े व प्रसिद्ध मंदिर श्रीतुवन, जैन समाज का क्षेत्रपाल जी के साथ ही रेलवे स्टेशन भी स्थित है, जहां लोगों का हर रोज भारी संख्या में आना-जाना होता है। इसके अलावा शहर के एक दर्जन से अधिक मुख्य बैंक, कचहरी व कलक्ट्रेट तक पहुंचने के लिए भी इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। सबसे खास बात यह भी है कि इसी मार्ग पर लोक निर्माण विभाग का कार्यालय भी बना हुआ है। गौरतलब है कि घंटाघर परिसर से रेलवे स्टेशन वाला मार्ग देवगढ़ तक जाता है। इस पूरे मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा केंद्रीय रोड फंड से कराया जा रहा है, लेकिन शहर वाली रोड का निर्माण कार्य अब भी शुरु नहीं हो सका है। हालांकि स्टेशन रोड पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कुछ हद तक गड्डा मुक्त करने का प्रयास जरूर किया गया, वह भी पूरी तरह नहीं हो सका है।
छुट्टियां में नहीं हो सका पानी छिड़काव
देवगढ़ रोड पर पानी छिड़काव करने के लगातार निर्देश दिए गए हैं। दीपावली के समय कुछ दिन छुट्टियां होने के कारण काम बंद रहा है, इसीलिए पानी छिड़काव नहीं होने से डस्ट हो गई है, लेकिन अब फिर से लगातार गिट्टी पर पानी छिड़काव कराया जाएगा। इस रोड का पूरा काम मार्च 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है। राजघाट रोड पर कुछ काम अभी अधूरा है, लेकिन शीघ्र ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
प्रकाश चंद्र, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग।