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Lalitpur News: बिजली पर 1.19 अरब खर्च, फिर भी हाहाकार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में 1.19 अरब से अधिक रुपये खर्च किया जा रहा है, लेकिन दशा नहीं सुधर रही है। लगातार कटौती और ट्रिपिंग से हाहाकार मचा है। शहर से ग्रामीण क्षेत्र तक हो रही कटौती से लोगों का हाल बेहाल है। शहर में आधे-आधे घंटे पर बिजली गायब हो जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में मुश्किल से 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है।
शासन ने बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए करोड़ों के कार्यों को स्वीकृति दी है। इनके कार्य चल भी रहे हैं। सबसे अधिक रिवैंप योजना के अंतर्गत 94 करोड़ रुपये से कार्य कराया जा रहा है। इसका लगभग 60 फीसदी कार्य पूर्ण हो गया है। बिजनेस प्लान के अंतर्गत भी 20 करोड़ से कार्य कराए गए हैं। लगभग 55 फीसदी कार्य पूर्ण हो गया है। 406 ट्रांसफॉर्मरों के सापेक्ष 200 की क्षमता वृद्धि हो गई है। नगर विकास योजना के अंतर्गत भी पांच करोड़ से कार्य कराया गया है, जो लगभग 85 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इन कार्यों के बाद भी आपूर्ति दुरुस्त नहीं हो पा रही है।
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कई फीडर चल रहे ओवरलोड: शहर में अधिकांश फीडर ओवरलोड चल रहे हैं। नईबस्ती, गांधीनगर, सिविल लाइन क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या है। ट्रिपिंग और फाल्ट होने से समूचे शहर को कटौती से जूझना पड़ रहा है। हालत यह है कि लगातार एक घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। अधिकारियों के अनुसार अधिक लोड होने से समस्या आ रही है।
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ग्रामीण क्षेत्र में नहीं मिल पा रही बिजली: शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी बिजली को लेकर हाल बेहाल है। 24 घंटे में महज 12 घंटे ही बिजली मिल रही है। यह स्थिति महरौनी और पाली क्षेत्र में बनी हुई है। मड़ावरा व बानपुर में भी पर्याप्त मात्रा में बिजली नहीं मिल रही है।
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नगर पंचायतों में कराए जाएंगे 1.97 करोड़ से कार्य: नगर पंचायत महरौनी, पाली व तालबेहट में 1.97 करोड़ से बिजली के कार्य कराए जाएंगे। एक करोड़ तीन लाख से महरौनी में 219 किलोमीटर केबल डाली जानी है। ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि के साथ कुछ नए भी लगाए जाएंगे। 34 लाख रुपये से तालबेहट में कार्य कराया जाएगा। यहां 72 किलोमीटर केबल समेत ट्रांसफॉर्मर की क्षमता वृद्धि की जा रही है। पाली में 60 लाख रुपये से 80 किलोमीटर केबल व ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि होनी है।
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फैक्ट फाइल- रिवैंप योजना
- कार्य की लागत - 94 करोड़
- बंच केबल - 720 किलोमीटर
- आर्म्ड केबल - 320 किलोमीटर
- कृषि फीडर - 115 किलोमीटर
- ओवरलोड फीडर - 186 किलोमीटर
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फैक्ट फाइल- बिजनेस प्लान
कार्य की लागत - 20 करोड़
- नए तार - 46 फीडर
- नए ट्रांसफॉर्मर- 61
- सर्किट फीडर बदलने का कार्य- सात बिजली घर
- बिजली घरों की क्षमता वृद्धि - आठ
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फैक्ट फाइल - नगर विकास
- ललितपुर में कार्य लागत - 3.40 करोड़
- नए खंभे - 500
- एचटी लाइन - 3 किलोमीटर
- एलटी लाइन - 11 किलोमीटर
- नए ट्रांसफॉर्मर - 12
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406 ट्रांसफॉर्मरों की होगी क्षमता वृद्धि
वर्तमान क्षमता - क्षमता वृद्धि - संख्या
16 - 25 - 13
25 - 63 - 243
63 - 100 - 115
100 - 250 - 23
250 - 400 - 12
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दो दिनों से दैलवारा की बिजली गुल
दैलवारा। ग्राम दैलवारा की बिजली सप्लाई दो दिनों से ठप है। कर्मियों के अनुसार 100 केवी की डीपी लोड नहीं ले पा रही है, इसलिए यहां 250 केवी की डीपी की जरूरत है जो 200 से अधिक कनेक्शन का लोड उठा सके। भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन देकर शीघ्र बिजली व्यवस्था ठीक कराने की मांग की है। ज्ञापन पर प्रांतीय उपाध्यक्ष केहर सिंह बुंदेला, लक्ष्मीनारायण पटैरिया, दयाशंकर सोनी, ध्रुव प्रताप सिंह, पवन प्रताप सिंह, बलराम श्रीवास्तव, अजयसाहू, काशीराम आदि के हस्ताक्षर मौजूद रहे। संवाद
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गर्मी में सभी फीडर ओवरलोड चल रहे हैं। ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि जोरों से की जा रही है। कुछ दिनों में समस्या दूर हो जाएगी।
- संजय सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल
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