उर्स कमेटी ने उर्स की तैयारी पर आयोजित की बैठक
ललितपुर।
हजरत बाबा सदनशाह रहमत उल्लाअलह के 100वें उर्स के आयोजन के लिए उर्स कमेटी की बैठक को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। वर्तमान उर्स कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा जहां बैठक कर उर्स की तैयारियों पर चर्चा की गई हैं। वहीं, जिला वक्फ कमेटी के पदाधिकारियों ने डीएम व अपर सर्वे वक्फ कमिश्नर को एक ज्ञापन देकर बैठक को निरस्त करने की मांग की है।
रविवार को हजरत बाबा सदनशाह रहमत उल्लाअलह के 100वे उर्स के आयोजन के लिए दरगाह परिसर में एक बैठक का आयोजन हाजी बाबू बदरुद्दीन कुरैशी की अध्यक्षता और पूर्व सांसद सुजान सिंह बुंदेला के मुख्य आतिथ्य व जिला मुस्लिम एसोसिएशन के अध्यक्ष असलम कुरैशी के विशिष्ट आतिथ्य में हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि सौवां उर्स भव्य व ऐतिहासिक रूप से मनाया जाएगा। इस वर्ष मुशायरा और कवि सम्मेलन में शायर डॉ. राहत इंदौरी, डॉ. वसीम बरेलवी, मुनब्बर राणा, इमरान प्रताप गढ़ी व कवि कुमार विश्वास को आमंत्रित किया गया है। वहीं हर वर्ष की तरह नामी कब्बाल चांद कादरी-छोटा मजीद शोला, राहत फतह अली खान, इमसर हयात, दानिश सावरी, अजीम नाजा आदि कब्बाल व गजल गायक, अहमद हुसैन, मु.हुसैन को उर्स में आमंत्रित करने का फैसला लिया गया। मदरसे के हाफिजों की दस्तार वंदी तीस मार्च को होगी व जश्ने इज्तिमाई शादियां चार अप्रैल को होंगी। जिसमें रजिस्ट्रेशन की फीस लड़का व लड़का पक्ष दोनों से सात-सात हजार रुपए जमा कराया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि समस्त उर्स कमेटी के पूर्व अध्यक्षों का सम्मान किया जाएगा। पांच मार्च को उर्स में झूलों को लगाने के लिए खुली नीलामी की जाएगी। बैठक में डा.सतीश सुड़ेले, राजेंद्र रजक, समीर चौबे, शरद चौबे, सरफराज खान, हमीद खान मंसूरी, सेक्रेटरी अंजूमन, अजीज कुरैशी, मास्टर दाउद पठान, मुहम्मद खालिद, अशोक रावत, हाजी रफीक राईन, राजी इसरार खां रानू, हाफिज मुबीन, आसिफ कुरैशी, आसिफ पठान उपस्थित रहे।
वहीं, जिला वक्फ कमेटी ने डीएम व अपर सर्वे वक्फ कमिश्नर को एक ज्ञापन देकर देकर बाबा सदनशाह दरगाह पर असंवैधानिक नियम विरुद्ध एवं शासन की मंशा के विपरीत नगर में अशांति फैलाने के उद्देश्य से डीएम द्वारा घोषित भूमाफिया द्वारा 11 फरवरी की बैठक को निरस्त कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि उर्स कमेटी के पूर्व सदर एवं पूर्व मंत्री और राजनीतिक दलों व समाजसेवियों ने चार जनवरी को लिखकर दिया था कि उपरोक्त कैंपस संख्या 143 मजार बाबा सदनशाह वक्फ बोर्ड लखनऊ में दर्ज है और बोर्ड एवं राज्य सरकार की संपत्ति है। इसके साथ ही मीटिंग बुलाने के पूर्व कमेटी के पदाधिकारियों को वक्फ बोर्ड लखनऊ से कोई भी अधिकारिक पत्र नहीं दिया गया है। फिर भी उक्त लोगों द्वारा जनपद में अनाधिकृत रुप से उर्स कमेटी की बैठक बुलाना प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखाने का प्रयास किया गया और शहर में शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश है, साथ ही समाज में भ्रम पैदा करने की कोशिश है। आरोप लगाते हुए बताया गया है कि उक्त मीटिंग जनरल सेक्रेटरी अजीज कुरैशी के हस्ताक्षर से जारी की गई है, जो उर्स कमेटी में न तो जनरल सेक्रेटरी है और न ही नवीनीकरण कमेटी में ही उनका नाम है। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में उक्त बैठक को गलत ठहराते हुए जिला प्रशासन द्वारा घोषित भूमाफिया व अन्य पदाधिकारियों द्वारा दरगाह में बुलाई गई बैठक को असंवैधानिक ठहराया है। ज्ञापन पर जिला वक्फ कमेटी के जिलाध्यक्ष जाकिर राज चौहान, महासचिव हाजी इकबाल बेग और मुस्लिम महासभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अब्दुल नासिर बेग के हस्ताक्षर हैं।