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उद्यमियों के लिए उद्यम लगाना हो रहा घाटे का सौदा

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उद्यम लगाना हो रहा घाटे का सौदा
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ललितपुर।
एक ओर प्रदेश सरकार पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए यूपी इंवेस्टर समिट का आयोजन कर रही है। वहीं, जिले में उद्यमियों के लिए उद्यम लगाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लगी फेक्ट्रियां बंद होने लगी हैं। यह हाल नगर सीमा में स्थित औद्योगिक आस्थान का है। यहां न तो अच्छी सड़कें और न ही अच्छे पार्क हैं।
जिले में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से औद्योगिक आस्थान की स्थापना की गई है। जहां उद्यमी को फैक्ट्री चलाने के लिए भूमि सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। लेकिन, नगर सीमा में स्थित औद्योगिक आस्थान में काम कर रहे उद्यमी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में हताश नजर आ रहे हैं। यहां दाल मीलों से उड़ रहा कचरा प्रदूषण का रूप ले रहा है, तो जगह-जगह मेटेरियल की डस्ट जहां-तहां बिखरी पड़ी है। सड़क पर कहीं गंदा पानी फैल रहा है तो कहीं गिट्टी बिखरी पड़ी हुई है। जिस पर वाहनों के आए दिन टायर फट रहे हैं। वहीं, चिह्नित पार्क भी वीरान से नजर आ रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर समस्याओं से अनजान बने हुए हैं। हालांकि, उद्यमियों को समस्या रखने के लिए उद्योग बंधु का मंच दिया गया है लेकिन इनकी बैठकों में उठाई गई बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाता है। जिससे उद्यमियों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
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सड़क निर्माण के अभाव में फैक्ट्ररी हो गई बंद
औद्योगिक आस्थान में पक्की सड़क का अभाव बना हुआ है। जो पैसा आया था, उससे भी सड़क नहीं बनाई जा सकी है। सड़क पर गिट्टी डालने से नई समस्या खड़ी हो गई है। गिट्टी पर वाहन चलने से उनके टायर फट जाते हैं। ऐसे में कोई भी ट्रांसपोर्ट फैक्ट्री तक माल ले जाने व उठाने के लिए तैयार नहीं है।
सेवाराम चौधरी
उद्यमी

स्ट्रीट लाइट का अभाव
औद्योगिक आस्थान में स्ट्रीट लाइट का अभाव है। जिस वजह से रात्रि में अंधेरा पसरा रहता है। इसके अलावा कहीं भी नाली नहीं बनाई गई है। जिससे बारिश के समय जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अब जब यह क्षेत्र नगर पालिका के दायरे में आ गया है तो वह भी क्षेत्र के विकास में भागीदार बन सकती है।
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अनिल कुमार जैन
उद्यमी
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बजट मिलने पर होगा सड़क निर्माण
सड़क निर्माण के लिए 51 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसमें से विभाग को आधा पैसा ही प्राप्त हुआ है। जिससे सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सका है। अब बजट मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पार्क पर कुछ लोगों ने सामान रख दिया है, जिसे खाली कराकर विकसित किया जाएगा।
सुधीर कुमार
उपायुक्त
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र
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