फुस्स हो गया अतिक्रमण हटाओ अभियान
ललितपुर।
नगर पालिका परिषद का अतिक्रमण हटाओ अभियान चलने से पहले से फुस्स हो गया है। यह पहला मौका नहीं है, पूर्ववर्ती पालिकाध्यक्ष के कार्यकाल में भी योजना कई मर्तबा बनी, लेकिन सड़क किनारे पसरे अतिक्रमण को हटाया नहीं जा सका।
अतिक्रमण की समस्या दिनोंदिन विकराल रूप धारण करती जा रही है। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, कब्जा की समस्या किसी से छिपी नहीं है। जब प्रदेश में योगी सरकार बनी तो उसने इसे प्राथमिकता लेते हुए अतिक्रमित भूमि को खाली कराने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग, वन विभाग, राजस्व सहित विभिन्न विभागों ने कार्रवाई करते हुए चिह्नित भूमि को खाली करा लिया है तो अवशेष भूमि को खाली कराने में जुटे हुए हैं। इस मामले में नगर पालिका फिसड्डी साबित हो रही है। शहर में अतिक्रमण, कब्जा चिह्नित होने के बाद भी कार्रवाई करने से पीछे हट रही है। हालांकि, बीते दिनों जब नागरिक अतिक्रमण की समस्या से परेशान होकर तहसील समाधान दिवस, थाना दिवस और नगरीय समाधान दिवस में शिकायत लेकर पहुंचने लगे तो नगर पालिका को अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने की याद आ गई। पालिका के अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने इसका हवाला देते हुए चार दिन का कार्यक्रम भी तय कर लिया। इसकी सूचना प्रांतीय खंड/निर्माण खंड के अधिशासी अधिकारी को दी और पुलिस अधीक्षक से पुलिस बल की मांग कर ली। लेकिन अभियान के ठीक एक दिन पहले ही पालिकाध्यक्ष रजनी साहू ने आगे आते हुए अभियान की हवा की निकाल दी। उन्होंने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 22 से 25 जनवरी तक चलाए जाने वाले अतिक्रमण हटाओ अभियान को अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दिया गया है। इसकी नई तिथियां बाद में तय की जाएगी।
ये था कार्यक्रम
22 जनवरी को घंटाघर से सावरकर चौक होते हुए आजादचौक तक, 23 जनवरी को पुराना तहसील चौराहे से सुंदरकांटा होते हुए पानी की टंकी तक, 24 जनवरी को तुवन चौराहे से गेंदालाल पेट्रोल पंप होते हुए घंटाघर तक व सुंदरकांटा होते हुए झांसी रोड पानी की टंकी तक, 25 जनवरी को चंदेरी नाका से जिला महिला चिकित्सालय के सामने होते हुए डाईट एवं नवीन तहसील रोड नहर की पुलिया तक अभियान चलाए जाने की योजना बनाई गई थी।