ललितपुर। राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में निरुद्ध बंदियों की गुटबाजी अफसरों के लिए बवाले-जान बन गई है। संप्रेक्षण गृह अधीक्षक ने झांसी गुट के मुखिया समेत 11 बंदियों को अन्यत्र भेजे जाने के लिए प्रधान मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा है।
राजकीय संप्रेक्षण गृह अधीक्षक संजय कुमार ने प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड को पत्र लिखकर बताया कि संस्था में निरुद्ध झांसी के कुछ किशोरों ने गुटबाजी के चलते सात सितंबर को ललितपुर के किशोरों के साथ मारपीट की थी। हत्या जैसे मामले में निरुद्ध चल रहे झांसी गुट का मुखिया और उसके सहयोगी बहुत ही अनुशासनहीन और झगड़ालू प्रवृत्ति के हैं। वे संस्था के कर्मचारियों के साथ भी मारपीट करते हैं।
संस्था में तैनात एक सहायक अध्यापक के साथ भी उन्होंने मारपीट की है। इन हालातों में संस्था का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो पा रहे हैं, इसके लिए झांसी गुट के मुखिया समेत 11 किशोरों का अन्यत्र स्थानांतरण जरूरी है। प्रधान मजिस्ट्रेट को भेजी गई सूची में तीन हत्यारोपी और चोरी, लूट, शस्त्र अधिनियम, बलात्कार, एनडीपीएस एक्ट, गैंगेस्टर जैसे संगीन धाराओं में निरुद्ध चल रहे किशोर शामिल हैं।
मालूम हो कि राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में झांसी के 30 और ललितपुर के 10 किशोर निरुद्ध चल रहे हैं। दोनों जनपदों के बंदियों के बीच वर्चस्व की जंग चल रही है, जिसके चलते उनको अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। बावजूद इसके दोनों गुटों के बीच टकराहट की स्थिति बनी रहती है। संख्या अधिक होने के कारण झांसी का गुट हावी रहता है। बीती सात सितंबर को खाना खाने के बाद पहले प्लेट धोने को लेकर हुए विवाद के चलते झांसी गुट वालों ने ललितपुर के किशोरों के साथ मारपीट कर दी थी, जिसमें छह किशोर जख्मी हुए थे।