मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जल संरक्षण को लेकर काफी गंभीर हैं। उनका मानना है कि ऐतिहासिक और पुराने तलाबों का यदि सही तरीके से संरक्षण किया जाए और तालाबों को सुरक्षित कर दिया जाए तो न केवल पानी का संरक्षण होगा, बल्कि वाटर रीचार्जिंग भी सही तरीके से होगी, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा। इसके लिए प्रदेश शासन ने तालाबों के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे। इसमें जिन तालाबों में स्पिल- वे, घाट आदि नहीं हैं, उन्हें बनाया जाएगा। साथ ही सिल्ट भी साफ की जाएगी, ताकि उनकी जलधारण क्षमता में वृद्धि हो सके।
जिले में छह ब्लाक हैं, जिसमें ब्लाक बार में 21 तालाब और ब्लाक बिरधा में 11 तालाबों का स्टीमेट लघु सिंचाई विभाग को बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसमें से करीब 28 तालाबों का स्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इसी तरह के ब्लाक मड़ावरा और ब्लाक महरौनी के 19-19 तालाबों का स्टीमेट जल निगम और ब्लाक जखौरा के 14 तालाब तथा ब्लाक तालबेहट के 24 तालाबों का स्टीमेट उप्र प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को बनाए जाने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अब तक ज्यादातर स्टीमेट नहीं बनाए जा सके हैं। खास बात यह है कि स्टीमेट तैयार करने की अवधि भी जून माह की थी, जो समाप्त हो चुकी है।