ललितपुर। नये शैक्षिक सत्र में कई विद्यालयों का ठीक से संचालन होना मुश्किल दिखाई दे रहा है। मार्च माह में 106 शिक्षक सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
इसका विपरीत असर विभिन्न विद्यालयों पर पड़ना तय माना जा रहा है। विशेषकर नगर क्षेत्र में यह कोढ़ में खाज का काम करेगा। यहां पहले से शिक्षकों की कमी चल रही है।
जिले में संचालित 1,049 प्राथमिक और 492 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। कई दौर में भर्ती प्रक्रिया होने के बाद भी विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक कार्यरत नहीं हो सके हैं, जिससे कई विद्यालयों का संचालन प्रभावी तरीके से संचालित नहीं हो पा रहा है।
खासकर नगर क्षेत्र का बुरा हाल है। यहां अधिकांश विद्यालय एक शिक्षक के सहारे हैं। यहां आठ शिक्षकों का रिटायरमेंट होने से या तो स्कूल एकल हो जाएगा या फिर बंद हो जाएगा। अन्य ब्लाकों में भी कई स्कूल एकल होने की संभावना है।
यह है ब्लाकवार स्थिति
ब्लाक बार में सात, तालबेहट में 19, मड़ावरा में 11, नगर में सात, जखौरा में 22, बिरधा में 21 व महरौनी में 20 शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। इसके अलावा नगर से एक शिक्षिका ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है। इस तरह 106 शिक्षक मार्च माह में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
मुख्य सचिव को सौंपा मांग पत्र
सह समन्वयक ज्ञानोदय अनुश्रवण एसोसिएशन के जनपदीय मंत्री व बुंदेलखंड प्रभारी हेमंत तिवारी ने गत दिवस मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन आलोक रंजन को मांग पत्र सौंपा था। इसमें कहा गया कि वर्ष 2011 से नगर क्षेत्र में अध्यापकों की नई तैनाती नहीं हुई है, जिससे विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने मुख्य सचिव से ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों को नगर क्षेत्र में तैनाती देने व सह समन्वयकों को अनुभव के आधार पर अन्य विभागीय योजनाओं एवं चयन में लाभ देने की मांग की है।