वंचित बच्चों की शिक्षा के लिए होना चाहिए सामूहिक प्रयास
ललितपुर। बुधवार को एक्शनएड एवं यूनिसेफ के सहयोग से गांधी शिक्षक रैन बसेरा में नई पहल शिक्षा परियोजना के अंतर्गत शिक्षा प्रेरकों का जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया। इसकी अध्यक्षता जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने की और मुख्य अतिथि श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ मन्नू कोरी रहे।
इस दौरान राज्यमंत्री मन्नू कोरी ने बताया कि एक्शन एड व यूनीसेफ की ओर से संचालित नई पहल परियोजना के अर्न्तगत समुदाय में जागरूकता आयेगी और समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा के प्रति जागरूक होना होगा और जिले के आउट ऑफ स्कूल बच्चों को विद्यालय में नियमित भेजनें व उनके ठहराव के लिये कार्य करना होगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता को बढाने के लिये किए जा रहे प्रयासों को बताया। इस कार्य को सफल बनाने में समुदाय, शासन, प्रशासन, सामाजिक कार्यकर्ताओं को मिलकर इस मुहिम को आगे बढाने की अपील की। उन्होेंने कहा कि शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का अधिकार है और यह अधिकार उस बच्चे को मिलना चाहिये। जिला समन्वयक महेश रिछारिया ने बताया कि नई पहल परियोजना उत्तर प्रदेश के बीस जिलों में संचालित की जा रही है जिसमें आउट-ऑफ-स्कूल एवं मौसमी पलायन से प्रभावित बच्चों का चिंहांकन एवं उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है उक्त कार्यक्रम में 20 जिलों में सीजनल माइग्रेशन यानी मौसमी पलायन की समस्या और बच्चों एवं किशोर-किशोरियों पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों के आंकलन पर आयोजन में फोटो प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें पलायन से प्रभावित बच्चे किस तरीके से अपनी शिक्षा, अपना घर और पड़ोस छोड़कर ईट भट्टों, ढाबों, घरों के अंदर, पंचर बनाने जैसे काम करने के लिए मजबूर हैं। लगभग 80 प्रतिशत पलायन करने वाले परिवारों में अनुसूचित जाति, जनजाति, अलपसंख्यक एवं पिछड़े समुदायों से होते हैं। एक्शनएड की ओर से यासमीन जहां ने बताया कि मौसमी पलायन से वंचित समुदाय के बच्चे एवं परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं जिसकी वजह से ऐसे बच्चे स्कूली शिक्षा से पूरी तरह वंचित हैं। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर एक नीति बनाई जाए ताकि पलायन का शिकार इन बच्चों कि नियमित एवं गुणवत्ता परक शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति व ठहराव में वृद्वि करनें के लिये नई पहल शिक्षा प्रेरकों का कार्य सराहनीय है और उन्हें विद्यालय प्रबन्धन समिति व समुदाय के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 14 से 18 वर्ष के बच्चों की षिक्षा व्यवस्था के लिये सरकार प्रयासरत है और बालिकाओं की षिक्षा के लिये आवासीय विद्यालय संचालित किये जा रहे है। उनका लाभ भी समुदाय के लोगों के द्वारा लिया जा सकता है। कार्यक्रम में बासुदेव, सुधीर त्रिपाठी, मजहर खान, वसीम खान, दयाराम नापित, राजेश राय, विनय श्रीवास्तव, अजय मिश्रा, राहुल श्रीवास्तव, कमलेश कुशवाहा, सीताराम, रामकुमार, लल्लूराम, पूनम परिहार, कमलेश, प्रियंका रावत मौजूद रहीं।