कैसे रुके अवैध खनन, जब रेंजर ने किए हाथ खड़े
तालबेहट क्षेत्र में स्थाई रेंजर तैनात करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। तालबेहट वन रेंज अंतर्गत चल रहे अवैध खनन को रोकने में वन अफसर नाकाम हो रहे हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी ने प्रभागीय निदेशक को पत्र लिखकर प्रभार से अवमुक्त करने की मांग कर दी है। इस पत्र से डिवीजन में खलबली मची हुई है।
74 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जंगल में खनिज संपदा का अकूत भंडार है। इसमें तालबेहट, गौना व ललितपुर क्षेत्र में इमारती पत्थर, ग्रेनाइट व बालू है। बालू माफिया की नजर तालबेहट पर है। यहां रात-दिन नदी, नालों में बालू का अवैध खनन चल रहा है। प्रतिदिन बड़ी मात्रा में बालू निकासी की जा रही है। इसके अलावा इमारती पत्थर, बोल्डर भी निकलता है। वर्तमान में इस रेंज में कोई स्थाई रेंजर तैनात नहीं है। ललितपुर रेंजर को तालबेहट का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यहां तमाम लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, इसके बाद भी अवैध खनन रुक नहीं पा रहा है। इससे परेशान होकर तालबेहट का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे ललितपुर रेंजर गणेश प्रसाद शुक्ला ने डीएफओ को पत्र लिखकर यहां से रिलीव करने की मांग की है। उन्होंने डीएफओ को लिखे पत्र में कहा कि ललितपुर रेंज के कार्यो में व्यस्तता होने के कारण तालबेहट रेंज के कार्यों और अवैध खनन को रोकने में समय नहीं दे पा रहे हैैं। ऐसे में अवैध खनन रुक नहीं पा रहा है। यहां जोरों से अवैध खनन चल रहा है। इस पत्र ने डिवीजन में हड़कंप मचा रखा है। इसकी वजह साफ है कि जहां अधिकारी सहज रूप से जंगलों में अवैध खनन होने की बात को हमेशा से नकारते रहे हैं। वहीं, तालबेहट रेंजर ने अपने पत्र में अवैध खनन होने की पुष्टि कर दी है। जिससे वन अधिकारियों सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देते नहीं बन रहा है। हालांकि, डीएफओ ने अपना बचाव करने के लिए वन संरक्षक को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने तालबेहट क्षेत्र के लिए एक सुयोग्य अधिकारी की मांग की है लेकिन अवैध खनन के संबंध में कुछ भी नहीं कहा है। बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध खनन को रोकने के लिए कई कदम उठा चुके हैं। उन्होंने अवैध खनन नहीं रुकने की स्थिति में जिलाधिकारी को जिम्मेदार मानने के लिए कहा है। इसके बाद भी धड़ल्ले से जंगल को खोदा जा रहा है।
वन संरक्षक को लिखा पत्र
जिले में वन क्षेत्राधिकारियों की कमी है। जिस वजह से ललितपुर रेंजर को तालबेहट का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जैसे ही सुयोग्य अधिकारी की तैनाती होती है, वैसे ही गणेश प्रसाद शुक्ला को रिलीव मान लिया जाएगा। उन्होंने सुयोग्य अधिकारी भेजने का अनुरोध किया है।
ईश्वर दयाल, प्रभागीय निदेशक
सामाजिक वानिकी प्रभाग