बगैर मान्यता के स्कूलों पर कार्रवाई नहीं होने से डीएम नाराज
डीएम ने डीआईओएस से स्पष्टीकरण किया तलब
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिलाधिकारी ने कार्यालय जिला विद्यालय निरीक्षक का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में अव्यवस्थाएं एवं बगैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने पर डीआईओएस से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया। इस दौरान वरिष्ठ लिपिक कपिल देव शर्मा द्वारा 26, 27 और 28 अगस्त को हस्ताक्षर नहीं बनाये गये हैं, जबकि कपिल देव शर्मा निरीक्षण के दौरान उपस्थित थे। वहीं, मुन्नालाल ताम्रकार दफ्तरी के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षण को निर्देशित किया गया कि कपिल देव शर्मा से स्पष्टीकरण प्राप्त कर स्थिति स्पष्ट करें। इसके उपरांत डीएम ने फाइलों का खंगाला। इसमें 17 जुलाई को डीआईओएस ने राजकीय हाईस्कूल डोंगराकलां का निरीक्षण किया था, जिसमें यह पाया गया था कि कक्षा-6 से 10 तक की कक्षायें बगैर मान्यता के संचालित हो रही थीं, जिसे बन्द कराया गया था लेकिन पत्रावली पर कोई ऐसा साक्ष्य उपलब्ध नहीं पाया गया है। श्री राम विद्या मंदिर कल्यानपुरा में भी कक्षा 12 तक कक्षाए अवैध रूप से संचालित किया जाना पाया गया था लेकिन उसके पश्चात का निरीक्षण किए जाने के अभिलेख नहीं मिले। उन्होंने पाया कि बगैर मान्यता के एक भी विद्यालय पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। जिस पर उन्होंने डीआईओएस से स्पष्टीकरण तलब करते हुए प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। इससे पहले के डीआईओएस ने आठ प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराते हुए कक्षायें बन्द कराई थी। इसके उपरांत वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और न ही इन विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। पटल सहायक सुशील गुप्ता ने बताया कि उपरोक्त प्रकरणों में अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कार्यालय में किसी भी कर्मचारी का कार्य विभाजन आदेश नहीं पाया गया है। विद्यालय की मान्यता सम्बन्धी कार्य मुकेश यादव देख रहे हैं लेकिन उनके पास कोई ऐसा आदेश उपलब्ध नहीं है। पूॅछने पर बताया गया कि राजेन्द्र शर्मा के स्थानान्तरण के उपरान्त वह उनके पटल का कार्य देख रहे हैं लेकिन कार्य विभाजन विषयक आदेश नहीं दिखा पाए। इस पर डीएम ने प्रत्येक पटल सहायक का कार्यविभाजन समान रूप से करते हुए तीन दिवस में अनुपालन की स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए। मुकेश यादव ने बताया कि विद्यालय की मान्यता सम्बन्धी 14 प्रार्थना पत्र लंबित हैं लेकिन इसकी न तो सूची है और न ही रजिस्टर बनाया गया है। न्यायालय संबंधी एक प्रकरण लंबित है। इस पर उन्होंने न्यायालय, आयोग से प्राप्त संदर्भो का पृथक-पृथक रजिस्टर बनाकर समयान्तर्गत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हाल में करीब 35 अलमारियां रखी पाई गई हैं जो जंगयुक्त व पुरानी हो गई हैं। कन्या विद्याधन के कागजात से सम्बन्धित अलमारी खुलवाने पर स्टॉफ ने चाबी उपलब्ध नहीं होने की बात कही। कार्यालय के अन्दर बना शौचालय काफी गन्दा पाया गया एवं वॉस वेसिन में पान की पीक जमा पाई गई। इसके अलावा नल टूटा था, जिस पर तार बंधा पाया गया। शौचालय की शीट टूटी पाई गई व शौचालय में पानी का जमाव पाया गया। मूत्रालय के अन्दर एक किनारे कूड़ा जमा पाया गया। कार्यालय परिसर की बाउंड्री पीछे की ओर क्षतिग्रस्त पाई गई। कार्यालय के कर्मचारियों की जीपीएफ, पासबुक एवं सेवा पुस्तिकायें देखी गयी, जिनमें अधिकांशत: ब्याज का इन्द्राज नहीं पाया गया है। कार्यालय में पटल सहायक किसी भी विद्यालय व कोचिंग के निरीक्षण की अनुपालन आख्या नहीं पाए। निरीक्षण के समय घनश्याम वर्मा उपजिलाधिकारी एवं विधेश अपर उपजिलाधिकारी भी उपस्थित रहे।