डायरिया की बीमारी से सहमें हुए हैं ग्रामवासी
गांव में तीन लोगों की हो चुकी है मौत
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। विकासखंड बार के ग्राम कठवर में फैली डायरिया की बीमारी से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बीमारी पर नियंत्रण न लगने से गांव में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी हालात पर काबू नहीं है। स्वास्थ्य विभाग संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। बीते सोमवार को तीसरी मौत के बाद तीन लोगों की तबीयत अचानक खराब हो गई थी।
तहसील तालबेहट अंतर्गत कठवर गांव में लगभग दो सप्ताह पहले डायरिया संक्रामक बीमारी फैली है। इससे ग्राम में अब तक पांच दिन में तीन मौतें हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग भले की नियंत्रण करने का प्रयास कर रहा हो, लेकिन अब हालात यह है कि गांव में लगातार हो रही मौत से ग्रामीण दहशत में हैं। इसके साथ ही विभाग की मुश्किलें भी कम नहीं हो रही है। गांव में कई और लोग भी इस बीमारी की चपेट में हैं। सोमवार को हुई तीसरी मौत के बाद गांव में तीन लोगों की हालत खराब हो गई। इसमें सोनी पत्नी गुवंदी अहिरवार (30) व गुन्नु व सोमियां पुत्री सोहन की अचानक तबीयत खराब हो गई। जिस पर ग्रामीणों ने चिकित्सकों को सूचना दी। इसके बाद सीएससी बार व जिला की टीम ने जाकर ग्रामीणों का उपचार किया।
ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप का प्लेटफार्म नहीं था। जिससे फैलने वाला पानी बोर में गिरता था। इसके साथ ही हैंडपंप के पास गंदा पानी भी भरा रहता था। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना था। स्वास्थ्य विभाग ने हैंडपंप का डंडा निकाल लिया है। इससे पानी का उपयोग नहीं हो पा रहा है। गांव में सफाई का भी अभाव था। गंदगी का अंबार लगा रहता था।
पांच दिन में हो चुकी तीन की मौत
बीते 16 अगस्त को गांव में सबसे पहले एक साढ़े छह वर्षीय बच्चे की मौत डायरिया की वजह से हुई थी और इसके अगले ही दिन 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई थी। इसके बाद पांचवें दिन बीमारी से ग्रसित महिला गीता पटैरिया की हालत बिगड़ने पर उनकी भी मौत हो गई है
स्वास्थ्य विभाग ने लगाई तीन टीमें
जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डा. राजेश भारती ने बताया कि गांव में तीन टीमों को लगा दिया गया है। जो आठ-आठ घंटे के अंतराल पर गांव में ही रहकर लोगों का उपचार करेंगी। इसमें एक चिकित्सक, फार्मासिस्ट, व पैरामेडीकल स्टाफ, गांव में लगातार उपचार करेंगे। इसके साथ ही लगातार निगरानी की जा रही है।