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तिरंगा रंग की चादर चढ़ाकर मांगी अमनचैन की दुआएं

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तिरंगा रंग की चादर चढ़ाकर मांगी अमनचैन की दुआएं
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ललितपुर।
अजीम सूफी संत व हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक बाबा सदनशाह की दरगाह पर शनिवार से सदनशाह बाबा का 100वां उर्स इजलास शुरू हो गया। उर्स में दरगाह पर सजदा करने के लिए पहुंचे और समाज में बड़ा मुकाम रखने वालों से लेकर फकीर तक बाबा के दरबार में हाजिरी लगाकर झोली फैलाते हुए पहुंचे। पहले दिन सायं से ही नगर में चादरों की शोभा यात्राएं निकाली गईं। उर्स कमेटी, अहले शहर के अलावा विभिन्न संगठनों ने गाजे-बाजे के साथ बाबा की दरगाह पर चादरें चढ़ा कर अमन चैन के हक में दुआएं मांगीं। उर्स कमेटी द्वारा दरगाह पर चढ़ाई गई पहली तिरंगा रंग चादर चढ़ाकर देश में शांति व सौहार्द और अमन चैन की दुआओं मांगी।
दरगाह परिसर के सुसज्जित मंच पर रात्रि अखिल भारतीय कौमी एकता मुशायरे में देश के प्रख्यात शायरों के कलामों की धूम मची रही। बाबा की दरगाह पर सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि विभिन्न धर्मों के लोग बड़ी तादाद में हाजिरी लगाकर मनौतियां मांगने पहुंचे। पांच दिनों तक चलने वाला यह उर्स सांप्रदायिक सौहार्द का बेमिसाल मेले के रूप में जाना जाता है। बाबा सदन की कर्म स्थली रही इस जिले की आबोहवा इतनी सौहार्दपूर्ण है कि इंसानियत को दरकाने वाली चीजों के लिए कोई स्थान नहीं है। बाबा सदन ने धर्मों से ऊपर उठकर श्रेष्ठ रास्ता निर्मित किया था। इसी रास्ते से आज भी जनपदवासी चल रहे हैं। बाबा की दरगाह में आने वाले श्रद्धालुओं को कोई जान नहीं पाता है कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान। उर्स कमेटि के अलावा प्रशासन द्वारा मेले में सुरक्षा, सफाई, विद्युत व जलापूर्ति के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उर्स महोत्सव के प्रथम दिन कुरआन ख्वानी व मीलाद शरीफ की धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं। देर रात चारों ओर श्रद्धालुओं का सैलाब दिखाई दिया। प्रशासन द्वारा व्यवस्था बनाने के लिए जिला अस्पताल, एसपी आवास व बसपा कार्यालय के सम्मुख बैरियर लगाये गए। वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। उर्स को सकुशल संपन्न कराने में जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के अलावा उर्स कमेटी के पदाधिकारियों में संरक्षक सुजान सिंह, अंजुमन सदर असलम कुरैशी, सदर उर्स कमेटी बाबू बदरुद्दीन कुरैशी, पूर्व नपा अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार सुड़ेले, जनरल सेक्रेटरी हाजी साबिर अली, जनरल सेक्रेटरी अजीज कुरैशी, नायब सदर अब्दुल रहमान कल्ला, कमरुद्दीन कप्तान, रमजानी दादा, नायब सदर अबरार अली, मीडिया प्रभारी मोहम्मद नसीम, रिजवान उज्जमा, मनीष अहमद कादरी, हाजी अनीस खां मुस्तफा खां पार्षद आदि तैयारियों में जुटे रहे।
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रोमांच और मनोरंजन का समिश्रण है उर्स मेला
उर्स मेला में इस बार कई हैरतअंगेज प्रदर्शनों को शामिल किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से कुआं सर्कस है। जान हथेली पर रखकर मोटरसाइकिल चलाकर युवक इसमें मौत का करतब दिखाते हैं। इसके अलावा एक से बढ़कर एक झूले, जिसमें लोग जमकर मजा लेते दिखे। वहीं काला जादू भी उर्स में विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

पहली चादर चढ़ाने के उमड़े इबादतमंद
बाबा सदन के सालाना इजलास की पहली चादर उर्स कमेटी की मोहल्ला कस्साब मंडी से रवाना हुई। चादर कसाई मंडी से उठकर शहर के विभिन्न मोहल्लों में होती हुयी सदनशाह दरगाह पहुंची। जहां कमिटि पदाधिकारियों ने बाबा के आस्ताने पर चादर पेश कर देश में अमन-चैन के लिए दुआएं की। इसके अलावा दरगाह पर खिदमदगार मुजाबिरों ने भी चादर चढ़ायी और मन्नत मांगी।
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कुरान-ए-पाक पूरा कर चुके बच्चों का हुआ सम्मान
गत शुक्रवार की रात हजरत बाबा सदनशाह रहमत उल्ला अलैह के उर्स में दस्तारबंदी प्रोग्राम हुआ। जिसमें ललितपुर मदरसा में कुरान-ए-पाक पूरा कर चुके कई बच्चों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर बरेली शरीफ से आए सायर-ए-इस्लाम हजरत मौलाना इमरान मजहर बर्काती के अलावा मौलाना यामीन निजामी कोटा, मौलाना युसुफ रजा, मुम्ताज इमामे आजम देहली, मौलाना असगर जालबी दरभंगा ने शिरकत फरमाकर महफिल में चार चांद लगाए। उन्होंने नात-ए-पाक व तकरीर पढ़कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। दस्तारबंदी वाले बच्चों में मोहम्मद तालिब फतहपुर, मोहम्मद उमर फतहपुर, मु. सैब फतहपुर, मु. युसुफ संडीला, मु. तालिब संडीला, मु.आसिफ हरदोई व सलमान नेहरू नगीर शामिल रह। सभी को सम्मानित कर दस्तारबंदी की गयी। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
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