पालिका बोर्ड बदला, पर व्यवस्थाएं नहीं
ललितपुर। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और सभासदों का नये सिरे से चुनाव हो गया है, लेकिन पालिका की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पाईं हैं। अध्यक्ष के ही वार्ड में नालियां बजबजा रहीं हैं तो खाली प्लाटों में गंदगी एकत्रित हो रही है। इससे पालिका प्रशासन के काम करने के तरीके का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
बीते माह नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष सहित सभी 26 वार्डों में सभासद का चुनाव हुआ, इसमें भाजपा की रजनी साहू अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। वहीं, सभासदों में भी कई नये चेहरे जीतकर आए हैं। नेहरू नगर में भी सभी सभासद बदल गए हैं। वार्ड नंबर तीन में जहां अध्यक्ष रजनी साहू का आवास है तो वार्ड नंबर एक में उनका मैरिज गार्डन हैं। इन दोनों ही वार्डों में सफाई का बुरा हाल है। वार्ड नंबर एक में मैरिज गार्डन के बगल में खाली प्लाट में सुअरों का डेरा है। इसी गार्डन के पीछे स्थित कुआं कूड़ाघर में तब्दील हो गया है। यहां आसपास कंटेनर के अभाव में स्थानीय नागरिक कूप में कूड़ा डाल रहे हैं। यही नहीं, पक्की नाली के अभाव में गंदा पानी यहां-वहां बह रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पतरूआ माता मंदिर के पीछे नाले में महीनों से सफाई नहीं हुई है। गलियों की सड़कें व नाली भी कच्ची हैं। इसके नाली का गंदा पानी बीच सड़क पर भर रहा है। ऐसे में सड़क कीचड़ में तब्दील होती जा रही है। वहीं, कई स्थानों पर कचरे का उठान नहीं होने की समस्या बनी हुई है। अध्यक्ष के आवास के निकट नाली क्षतिग्रस्त हैं तो बगल में कच्ची नाली बनी हुई है। इससे चंद दूरी पर वार्ड पार्षद रामबाबू का आवास है। उनके आवास से कुछ मीटर की दूरी पर रेलवे अस्पताल के पास अघोषित कचरा घर बना हुआ है। जहां सुअर विचरण करते रहते हैं। इसके समीप से होकर वार्ड वासियों की आवाजाही है।
पेयजल की समस्या बरकरार
नेहरू नगर में पेयजल की समस्या किसी से छिपी नहीं है। चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार ने इसे मुद्दा बनाकर भुनाने का प्रयास किया। इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी। अब सबकी नजरें पालिकाध्यक्ष रजनी साहू के अगले कदम पर टिकी हैं।
पालिका में कर्मचारी बेपरवाह
नगर पालिका परिषद का बोर्ड नया गठित होने के बाद भी कई कर्मचारी बेपरवाह बने हुए हैं। तमाम कर्मचारी सीट पर नहीं बैठकर यहां-वहां टहलते-रहते हैं। यही नहीं, कर्मचारियों ने दोपहर में अघोषित लंचटाइम बना रखा है। इसकी आड़ में कर्मचारी, अधिकारी घंटों गायब रहते हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यालय समय में लंच समय को बंद कर रखा है। पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने कर्मियों को जिन पटलों पर बैठाया था, वह आज भी काबिज हैं। ऐसे में विभागीय काम को गति नहीं मिल पा रही है।
कछुआ चाल चल रहा स्वकर
नगर पालिका परिषद की रीढ़ कही जाने वाली स्वकर प्रणाली कछुआ चाल से चल रही है। इससे पालिका का राजस्व नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं, पालिका के बेसमेंट का भी बुरा हाल है। इसके चलते पार्किंग की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
सर्वेक्षण के नाम पर हो रहा दिखावा
शहर की अस्त-व्यस्त सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। कई जगह पर सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालय भी व्यवस्थित तरीके से प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। इस कमी को छिपाने के लिए शहर में जगह-जगह स्वच्छ सर्वेक्षण के होर्डिग्स लगवा दिए गए हैं। घर से ही सूखा व गीला कचरा विभक्त करने की योजना दम तोड़ रही है।
सोमवार से स्थलीय निरीक्षण होंगे प्रारंभ
पालिका में व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालय की सूची तलब की गई है। वहीं, सोमवार से स्थलीय निरीक्षण प्रारंभ होंगे। कर्मचारियों को काम करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। लेकिन, यदि काम ईमानदारी से नहीं होता है तो उनके पटल परिवर्तन किए जाएंगे।
रजनी साहू, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद ललितपुर।