संयमोत्सव पर हुई मैराथन
ललितपुर।
क्षेत्रपाल मंदिर में संयमोत्सव के दौरान मुनि पूज्य सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैराग्य का न तो कोई समय होता है और न ही दिन। उन्होंने शत्रु के प्रति भी अच्छी सोच रखने को कहा।
उन्होंने कहा आचार्य श्री ने समाज को जीव दया, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति मार्गदर्शन देकर मानव कल्याण के लिए सदैव सन्मार्ग प्रशस्त किया है। उन्हें वैराग्य आचार्य श्री की मुद्रा देख उस समय हुआ जब वह क्षेत्रपाल जी ललितपुर में वाचना कर रहे थे। उनके सानिध्य में सन 1993 के पर्यूषण पर्व के शिविर में उनके जीवन की दशा और दिशा ही बदल गई और उसी की देन है कि आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। मुनि प्रभात सागर महाराज ने जीवन में व्रतों की महत्ता बताते हुए कहा कि व्रतों को विवेक से धारण करना चाहिए। मुनि अभयसागर महाराज ने कहा कि धर्म और साधना की जीवंत प्रतिमूर्ति आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज की साधना आत्मोत्कर्ष की सीढ़ियों को पार करती हुई शास्वत सत्य और लोक मंगल को साधने वाली है। बचपन से ही साधना में अडिग रहने वाले निष्प्रही संत अनुशासन प्रिय हैं, उनके मुक्त हास्य और सौम्य मुख मुद्रा से कुसुम की कोमलता झलकती है। ऐलक सिद्धांत सागर महाराज ने कहा कि जो गुरु के पास है उसे शिष्य के रूप में ग्रहण करें तो सबकुछ मिल सकता है। इसके पूर्व में ब्रह्मचारी नवीन भैया के मार्गदर्शन में आचार्य श्री की संगीतमयी पूजा हुई। दिगंबर जैन महिला महासमिति नंदा सुनंदा संभाग, जैन महिला मंडल, व़िद्या पूजा मंडल, भक्ताम्मर मंडल, वर्द्धमान संभाग, व्राहमी सुंदरी संभाग, सुधा सिंधू संभाग, जैन मिलन महिला अरिहंत षाखा, जैन मिलन मुख्य षाखा जैन मिलन चंद्रप्रभु महिला समिति, भारतीय जैन महिला परिषद के साथ-साथ दिगम्बर जैन पंचायत के पदाधिकारी एवं श्रावकों ने अर्घ्य समर्पित किए। इस मौके पर 50 ग्रंथों का लोकार्पण श्रावकों ने किया। जिन्हें श्रेष्ठी सनत कुमार जैन मंडीबामौरा, भगवानदास कैलगुवा, विनोद जैन उमरिया ने मुनि संघ को अर्पित किए। जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने आचार्य श्री के संयमोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी। सुबह मैराथन प्रतियोगिता हुई जिसका शुभारम्भ क्षेत्रपाल मंदिर से हुआ जो नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए घंटाघर सावरकर चौक जैन अटामंदिर से तुवन चौराहा होते हुए आयोजन स्थल पर पहुंची। निर्णायक के रूप में राजेन्द्रसिंह, जर्नादन शुक्ला, सुनील कुमार अरविन्द कुमार रहे। प्रतियोगिता के वालक वर्ग में अभय सिंह, कृष्ण कुमार, ओमल पाल, बालिका वर्ग में आरती राजपूत, सोनम राजपूत, आस्था वर्मा अव्वल रहे। व्यवस्थाओं में स्याद्वाद वर्द्धमान सेवा संघ के जितेन्द्र राजू सत्येन्द्र गदयाना अंषुल अर्पित सोहित बजाज हनू जैन विषाल रितिक जैन का योगदान रहा।
संयम महोत्सव में विन्यांजलि आज
आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के संयम स्वर्ण महोत्सव में 29 जून को सुबह श्रीजी का अभिषेक शांन्तिधारा पूजन एवं संगीतमय आचार्य श्री की पूजा के उपरान्त मुनि श्री के प्रवचन होंगे। दोपहर 3 बजे आचार्य विद्यासागर का लोककल्याणकारी चिंतन विषयक विचार गोष्ठी होगी। जिसमें प्रदेश के श्रम सेवा राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, विधायक सदर रामरतन कुशवाहा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे अतिथि के रूप में मौजूद रहेगे। सायं 7 बजे गुरूभक्ति 50 दीपों से आचार्य श्री की महाआरती का कार्यक्रम रखा गया है।