ललितपुर। बर्ड वॉचिंग डे पर सुबह होते ही गोविंद सागर बांध पर पक्षी प्रेमियों का जमावड़ा लग गया। इस दौरान विदेशी मेहमानों (पक्षियों) का स्वागत किया गया। बर्ड वॉचर ने विभिन्न प्रजातियों की चिड़ियों से उपस्थित लोगों को परिचित कराया।
गौरैया सहित विभिन्न पक्षियों की प्रजापतियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। साथ ही माइग्रेट होकर आने वाले पक्षियों की सुरक्षा को भी खतरा बना हुआ है। इसके मद्देनजर शासन ने चार दिसंबर को बर्ड वॉचिंग डे के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। शुक्रवार को जनपद के विभिन्न बांधों, तालाबों व जलाशयों पर बर्ड वॉचिंग डे मनाया गया।
मुख्य कार्यक्रम गोविंद सागर बांध पर हुआ। यहां सुबह से ही पक्षी प्रेमी विदेशी मेहमानों का स्वागत करने के लिए पहुंचने लगे थे। वन विभाग ने चिड़ियों के नामों से परिचित कराने के लिए फोल्डर व पर्चे छपवाए थे। बर्ड वॉचर ने उपस्थित अधिकारी, समाजसेवी और बच्चों को बांध में तैर रही चिड़ियों से परिचित कराया।
लोगों ने यहां पर मुख्यत: कुर्च, ढोंमरा, गजपांव, सिलेटी सवन, ठेकरी, छोटा लालसर, अबलख बत्तख, सुरखा, कूट, सिलही, घोघिल आदि प्रजाति के पक्षियों को देखा। जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार और डीएफओ वीके जैन ने कैमरे से चिड़ियों के फोटोग्राफ लिए। नेहरू महाविद्यालय के डा. पंकज शर्मा, डा. मधुकांता समाधिया व डा. सुभाष जैन ने पक्षियों की गणना की तथा आडीटर का कार्य डा. राजीव निरंजन ने किया।
इस मौके पर सीजेएम ज्योत्सिना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, एसडीएम रमेश चंद्र, बुंदेलखंड नागरिक मोर्चा के संयोजक भूपेेेंद्र जैन, प्राचार्य नेहरू महाविद्यालय डा. अवधेश अग्रवाल, कोर्ट मैनेजर अनुपमा राय, अजित कुमार जैन, कैलाश अग्रवाल, गौरेया बचाओ अभियान के पुष्पेंद्र सिंह, स्वतंत्र व्यास, गौरव जैन, रीता जैन, डा. अनुराग जैन, डा. अशोक उपस्थित रहे।
एसडीएस स्कूल के फादर सुसई रतनम ने 100 से अधिक बच्चों को गोविंद सागर बांध पर भेजकर कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। अंत में जिलाधिकारी ने नेहरू महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को पर्यावरण प्रतियोगिता के विजेताओं के प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इतनी देखी गई चिड़ियां
गणना के अनुसार गोविंद सागर बांध में 988, शहजाद बांध में 512, जामनी बांध में 476, सजनाम बांध में 360, राजघाट बांध में 274, मानसरोवर झील में 250, माताटीला बांध में 245 और रोहणी बांध में 150 चिड़ियां देखी गई।
नहीं आई फ्लेमेंगो
बर्ड वाचिंग डे पर विदेशी चिड़ियां फ्लेमेंगो दिखाई नहीं दी। डीएफओ वीके जैन का कहना है कि इस साल औसत से कम बारिश हुई है, जिससे सर्दी लेट हो गई। जनवरी माह में फ्लेमेंगो चिड़िया के आने की उम्मीद है।
प्रोजेक्टर की जगह रखा गया लैपटाप
गोविंद सागर बांध पर प्रोजेक्टर लगाया जाना था, लेकिन शुक्रवार को बांध पर लगे पंडाल में प्रोजेक्टर की जगह लैपटाप रखा गया। इससे सैलानियों को चिड़ियों की पहचान करने में दिक्कत आई। सैलानियों को नंगी आंखों से काले की रंग की ही चिड़ियां बांध में तैरती दिख रही थीं। छोटे कैमरा और दूरबीन में भी कुछ ऐसा ही नजारा था। वन अफसरों ने फोल्डर में छपी चिड़ियों को दिखाकर उपस्थित लोगों को संतुष्ट किया।