लखीमपुर खीरी। बदलती जीवनशैली और बढ़ते मानसिक तनाव के दौर में जिले की कई महिलाओं ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है। नियमित योगाभ्यास से उन्हें तनाव, अनिद्रा, थायराइड, बीपी, शुगर, घुटनों और कमर दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिली है।
योग से लाभ मिलने के बाद अब वे अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के करीब आते ही महिलाओं में योग को लेकर उत्साह बढ़ा है। उनका कहना है कि योग ने न सिर्फ स्वास्थ्य सुधारा, बल्कि जीवन के प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित की है।
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घुटनों के दर्द से मिली राहत
काफी समय से घुटनों में दर्द था, जिससे रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती थी। इलाज और दवाओं से राहत नहीं मिली। एक वर्ष से नियमित योग कर रही हूं, अब दर्द से पूरी तरह राहत है।
- डॉ. नमिता बरनवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, गुरु नानक डिग्री कॉलेज
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योग से मिला तनावमुक्त जीवन
पहले तनाव बना रहता था, लेकिन योग शुरू करने के बाद काफी राहत मिली। योग से नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच मिलती है। सभी को नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान करना चाहिए।
- ऊषा यादव, शास्त्री नगर
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साइटिका पर योग का असर
साइटिका की समस्या थी। काफी इलाज और दवाओं के बाद भी आराम नहीं मिला। संरक्षक सेवक सिंह अजमानी और कमल किशोर बरनवाल की प्रेरणा से योग शुरू किया। अब पूरी तरह स्वस्थ हूं।
- हरमिंदर कौर, रिटायर्ड प्रवक्ता, गुरु नानक कॉलेज
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योग से बढ़ा आत्मविश्वास
थायराइड, बीपी और शुगर की समस्या थी, जिससे काफी दिक्कत होती थी। नियमित योग शुरू करने के बाद काफी राहत मिली। पांच माह पहले दवाएं भी छोड़ दीं। इसे सभी को अपनाना चाहिए।
- नूपुर सिंह, काशीनगर
डॉ. नमिता बरनवाल- फोटो : 1
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