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आश्वासनों में बीत गया साल, नहीं मिल पाईं बुनियादी सुविधाएं

Sat, 30 Dec 2017 07:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
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Nighasan
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तराई की तहसील निघासन का इलाका शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी और परिवहन के मामले में बेहद पिछड़ा है। यहां करोड़ों की लागत से छात्रावास और मॉडल स्कूल तो बना दिए गए, लेकिन यह शुरू नहीं हो सकेे हैं। मुंसिफ कोर्ट, पोस्टमार्टम हाउस और निघासन ढखेरवा रोड इस साल भी बनकर तैयार नहीं हो पाए। जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन तो बहुत दिए, लेकिन यहां की जनता को बड़ी उपलब्धियां तो दूर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पाईं। इसका मलाल पूरे साल लोगों में बना रहा।
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नहीं मिल सका निघासन को नगर पंचायत का दर्जा
ब्रिटिश हुकूमत वर्ष 1869 में स्थापित जिले की सबसे पुरानी तहसील के मुख्यालय निघासन कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के आश्वासन की घुट्टी लंबे अरसे से यहां के लोगों को पिलाई जा रही है। वर्ष 2017 चुनावी वर्ष होने के कारण इस बार भी लोगों को नेताओं ने नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के सपने दिखाए लेकिन नगर पंचायत का दर्जा देने संबंधी पत्रावली एक मेज से दूसरी मेज तक नहीं बढ़ सकी। नगर पंचायत का दर्जा इस साल भी लोगों के लिए सपना ही रह गया। निघासन तहसील के गर्भ से पैदा हुई पलिया तहसील का मुख्यालय नगर पालिका है जबकि धौरहरा का तहसील मुख्यालय नगर पंचायत है। निघासन तहसील का मुख्यालय सभी अर्हताएं पूरी करने के बाद भी ग्राम सभा तक ही सीमित है। 


नहीं चालू हो सका पोस्टमार्टम हाउस 
पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण 22 साल पहले करीब चार लाख रुपये की लागत से हुआ था, जो अब खंडहर में तब्दील हो गया है। सपा सरकार में नगरवासियों की मांग पर सीएचसी के कई डाक्टरों को पोस्टमार्टम का प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन इसके बाद भी यह चालू नहीं हो सका। आज भी लोगों को नेपाल बॉर्डर से अपनों के शव 100 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय ले जाना पड़ते है। इस साल इसके शुरू होने की उम्मीद थी लेकिन अधूरी रह गई। 
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धन के अभाव में अधूरा पड़ा मुंसिफ कोर्ट 

कस्बे के झंडी रोड पर करीब तीन साल से मुंसिफ कोर्ट का निर्माण चल रहा है। इसमें पानी की टंकी और हवालात का पैसा न आने के कारण यह अभी अधूरा पड़ा है। लोगों को उम्मीद थी कि 2017 में यह शुरू हो जाएगा, लेकिन धनराशि न मिलने के कारण निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। 


नहीं चालू हुआ छात्रावास 

गोविंदपुर फार्म में करीब तीन करोड़ की लागत से मॉडल स्कूल का निर्माण करीब दो साल पहले हुआ था। इस स्कूल की देखरेख के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी पोस्ट कर दिया गया, लेकिन यह अभी तक चालू न होने के कारण सफेद हाथी साबित हो रहा है।

सफेद हाथी साबित हो रहा माडल स्कूल  
पलिया रोड स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में करीब दो करोड़ की लागत से छह माह पहले छात्रावास का निर्माण किया गया था। इस छात्रावास में गरीब छात्राओं के रहने और खाने के साथ नि:शुल्क शिक्षा देना था। प्रदेश सरकार ने इस छात्रावास को शिक्षा विभाग के हैंडओवर कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी यह चालू नहीं हो सका है।

यहां तो गड्डे ही गड्डे  

निघासन से ढखेरवा होते हुए जिला मुख्यालय जाने वाली सड़क में दो से तीन फुट गड्ढे हैं। करीब दो साल से सड़क चौडीकरण का कार्य चल रहा है, लेकिन अभी तक मात्र 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। साल बीत गया सड़क नहीं बन पाई।

नहीं बनी निघासन से ढखेरवा तक की सड़क 
माडल स्कूल, मुंसिफ कोर्ट और पोस्टमार्टम हाउस अगले साल चालू हो जाएंगे। मॉडल स्कूल में अप्रैल के महीने में प्रवेश प्रारंभ हो जाएंगे। निघासन से ढखेरवा रोड का निर्माण चल रहा है। नगर पंचायत के दर्जे की सारी प्रक्रिया पूरी हो गई है। शीघ्र इसकी घोषणा भी की जाएगी। 
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अजय मिश्र टेनी, सांसद खीरी 
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