मौनी अमावस्या पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
लखीमपुर। मौनी अमावस्या पर जिले भर में मंदिरों में भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने पवित्र जलाशयों में स्नान कर मंदिरों में पूजन-अर्चन किया। पुरोहितों को दान-दक्षिणा देकर पुण्य कमाया। सत्यनारायण व्रत की कथा सुनी। कई जगह भंडारे के आयोजन भी हुए।
गोला गोकर्णनाथ के पौराणिक शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने तीर्थ के घाटों पर पुरोहितों को ऊनी कपड़े, धन, तिल और गुड़ का दान, पुण्य करते हुए सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी। कई श्रद्धालुओं ने मौन व्रत भी रखा। नगर के नीलकंठ मैदान स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर, लक्ष्मीनगर स्थित धर्मेश्वर नाथ मंदिर, फूल बाबा आश्रम सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
अमीरनगर में बाबा टेढ़ेनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। तड़के से ही भक्त मंदिर परिसर में पहुंचने लगे और कतारबद्ध तरीके से दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने मंदिर में जल, फूल और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मोहम्मदी में
पालननाथ और जंगली नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इस दौरान पालननाथ मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लाइन लग गई। श्रद्धालुओं ने मंदिर में झाड़ू और बैंगन चढ़ाकर पूजन अर्चन किया।
महेवागंज में पौराणिक लिलौटीनाथ शिव धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने आराध्य देव शिव भोले और भगवान विष्णु जी का पूजन कर मंगल कामना की। महंत रोहित गिरि ने बताया इस बार दर्शनार्थियों की काफी संख्या रही। पिछले रिकॉर्ड टूट गए। लोगों ने पूजन कर मनौती मांगी।
बिजुआ के पड़रिया तुला स्थित ठाठ नानक सर गुरुद्वारे में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिख धर्म के प्रथम गुरु नानक देव जी से संबंधित इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया। अखंड पाठ का भी प्रबंध किया गया था। साथ ही, सभी आगंतुकों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई।
मौनी अमावस्या पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद