संकटा देवी मंदिर में सजे पंडाल में पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
लखीमपुर खीरी। शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को शहर के देवी मंदिरों में मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना हुई। सुबह से ही प्राचीन संकटा देवी मंदिर, बंकटा देवी और शीतला देवी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। संकटा देवी मंदिर में भक्तों ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में जयकारों से वातावरण भक्तिमय रहा।
मान्यता है कि महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसलिए इस स्वरूप को कात्यायनी कहा जाता है। मां को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर सुख, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की।