लखीमपुर खीरी। केंद्रीय बजट से कामकाजी महिलाओं को ढेरों उम्मीदें हैं। बढ़ती महंगाई, टैक्स का बढ़ता बोझ और नौकरी के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने की चुनौती के बीच कामकाजी महिलाएं चाहती हैं कि इस बार के बजट में उनके लिए विशेष प्रावधान किए जाएं। खासकर टैक्स स्लैब में राहत, स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाने, सामाजिक सुरक्षा और कार्य-जीवन संतुलन से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है। कामकाजी महिलाओं का मानना है कि यदि बजट में इन मांगों पर ध्यान दिया गया, तो न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वे और अधिक आत्मनिर्भर होकर देश की प्रगति में योगदान दे सकेंगी। शहर की शिक्षिकाओं और बैंक कर्मी महिलाओं ने बजट को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।
महिला कर्मचारियों के लिए आयकर में अतिरिक्त छूट दी जानी चाहिए। महंगाई के इस दौर में घर और बच्चों की पढ़ाई का खर्च बढ़ गया है। अगर टैक्स में राहत मिले तो आर्थिक दबाव कुछ कम हो सकता है।
- डॉ. नमिता श्रीवास्तव, शिक्षिका
स्वास्थ्य बीमा की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। महिलाओं की सेहत से जुड़े खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। बजट में कामकाजी महिलाओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और बीमा कवर होना जरूरी है।
- शिवांगी सक्सेना, शिक्षिका डिग्री कॉलेज
वर्किंग वूमेन के लिए क्रेच सुविधा, फ्लेक्सी टाइम और मातृत्व लाभ को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि महिलाएं बिना तनाव के नौकरी कर सकें।
- गुरजीत कौर अजमानी, विद्यालय संचालक
महंगाई पर नियंत्रण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार जरूरी है। बजट में अगर महिलाओं के लिए पेंशन और बचत योजनाओं को प्रोत्साहन मिले, तो भविष्य सुरक्षित हो सकता है।
- कंचन सिंह, कैश ऑफिसर स्टेट बैंक
गुरजीत कौर अजमानी
गुरजीत कौर अजमानी
गुरजीत कौर अजमानी