15 दिन में समस्याएं न निपटीं तो आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी
समस्याओं का समाधान न होने के चलते आशा एसोसिएशन संघ के बैनर तले आशा वर्कर्स ने गुरुवार को सीएमओ कार्यालय के सामने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। आशा वर्कर्स ने नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के अंदर उनकी मांगों का निस्तारण न हुआ तो वे आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी।
जिलाध्यक्ष प्रभा अवस्थी ने बताया कि आशा एसोसिएशन संघ के कई बार दिए गए प्रार्थनापत्रों पर लिखित आश्वासन के बावजूद छह माह बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। जबकि ब्लाक स्तर पर आशाएं अधीक्षकों का घेराव कर अपनी मांगें रख रही हैं। आशाएं शासन की उच्च प्राथमिकता वाले मातृ स्वास्थ्य, शिशु संरक्षण कार्यक्रम में बराबर सहयोग कर रहीं हैं। सभा को संबोधित करते हुए मांग की गई कि 12 दिसंबर 2014 के शासनादेश के अनुसार आठ माह का एरियर भुगतान जल्दी किया जाए। जिले में प्रत्येक पीचसी और सीएचसी पर पिछले छह माह से कोई भुगतान नहीं हुआ है, होली के त्योहार को देखते हुए भुगतान अतिशीघ्र कराया जाए। आशा संगिनी का मानदेय कम से कम 15000 रुपये प्रतिमाह और आशा वर्कर को प्रतिमाह 8000 रुपया भुगतान किया जाए।
उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स को साल में एक बार ही ड्रेस विभाग से उपलब्ध कराई गई है दोबारा भी ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। आशा वर्कर जिले में कुष्ठ रोग का 10 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से सर्वे नहीं करेंगी यह काम किसी अन्य कर्मचारी से करा लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों का निस्तारण 15 दिन के अंदर नहीं होता है तो आशा वर्कर्स को मजबूरन आमरण अनशन पर बैठना पड़ जाएगा।
प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष प्रभा अवस्थी के अलावा राखी सिंह, रीता देवी, रानी देवी, आशा देवी, चित्रा राठौर, सुरेंद्र कुमारी, सीमा सिंह, लज्जा देवी, वीना देवी, गायत्री देवी, मंजीत कौर, संगीता देवी, मंजू देवी, गीता देवी, मनू, राम कुमारी, मीरा देवी, मीना देवी सुनीता वर्मा आदि शामिल रहीं।