लखीमपुर खीरी। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत काम कर रही स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब ड्रोन उड़ाएंगी। ड्रोन उड़ाने और छोटी-छोटी खामियों को दुरुस्त करने के लिए जिले की छह महिलाओं को लखनऊ में 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
महिलाएं ड्रोन के माध्यम से फसलों में कीटनाशक का छिड़काव करेंगी। दवा छिड़काव के लिए किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा और महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी। ड्रोन से दवा छिड़काव का क्या शुल्क रहेगा, क्या नियम है, अभी यह तय नहीं हो सका। समूह की महिलाओं को अपने सीएफएल खाते से ड्रोन खरीदना पड़ेगा, जिसकी कीमत सात से आठ लाख रुपये है।
डीसी एनआरएलएम जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि बिजुआ ब्लॉक की अनीता देवी, लखीमपुर की संगीता और रागिनी, नकहा ब्लॉक की ऊषा देवी, पलिया ब्लाक की शिव देवी और रेशमा देवी को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनको रविवार को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। बताया कि ड्रोन से प्रत्येक महिला स्वयं सहायता समूह को हर माह अच्छी कमाई हो सकती है।
बताया कि खेतों में किसी भी मशीन की तुलना में ड्रोन से रसायन का छिड़काव जल्द और प्रभावी होता है। यह तकनीक लागू होने के बाद किसानों को भी बड़ी मदद मिलेगी।