डीएम किंजल सिंह द्वारा आदिवासी थारूक्षेत्र में आयोजित द राइजिंग कार्यक्रम का नवें दिन वूमेन इश्यू वर्कशॉप के साथ समापन हो गया। वर्कशाप के बाद थारू बालिकाओं ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद बाहर से आए गायकों ने हुए रंगारंग कार्यक्रम में खूब समां बांधा।
आदिवासी थारूक्षेत्र के गांव धुसकिया से इसकी शुरुआत की गई थी। कार्यक्रम में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, विकास स्वास्थ्य आदि पर बल दिया जा रहा था और इसके लिए कई कार्यशालाएं और शिविर लगाए गए थे। नवें खेल गतिविधियों में सम्मिलित होने वाले कई स्कूलों तथा थारू बाहुल्य क्षेत्रों के तकरीबन चार सौ नवोदित थारू खिलाड़ियों को डीएम किंजल सिंह ने ट्रैक सूट व स्पोर्ट्स शूज का तोहफा दिया। डीएम ने उनसे अर्जुन की तरह लक्ष्य पर निशाना साधकर ऊंचाईयां छूने को कहा। इस दौरान स्वच्छता जागरुकता के तहत खुद स्कूलों के बच्चों के हाथ साबुन धुलवाए। इससे पहले हॉफ मैराथन दौड़ में सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चों, थारू बाहुल्य गॉवों के युवक-युवतियों तथा कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
हॉफ मैराथन राम नगर तिराहे से शुरू होकर दुधवा नेशनल पार्क के गेट पर जाकर समाप्त हुई। इसके बाद वूमेन इश्यू पर हुई वर्कशाप में मानवाधिकार आयोग की डीजी सुतापा सान्याल ने पुलिस द्वारा महिलाओं के लिए चलाए जा रहे नवचेतना, सारथी, जागृति, विकल्प आदि के बारे में विस्तार से बताया। मानवाधिकार आयोग की डीजी के साथ डब्ल्यूईडी की सेक्रेटरी आईएएस रेनुका कुमार और डीएम ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने वाली थारू बालाओं को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इसके बाद देर शाम रंगारंग कार्यक्रम हुआ और इसमें बाहर से मशहूर गायकों ने गीतों से खूब समां बांधा। बच्चों ने भी कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिसकी सभी ने सराहना की।