बृहस्पतिवार को दोनों मृतकों की पहचान सरैया बरतेर गांव निवासी सूर्यदेव राज और निशा देवी के रूप में हुई। बृहस्पतिवार को ही निशा देवी के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। सूर्यदेव के शव का शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसे लेने परिजन वहां पहुंच गए हैं।
सूर्यदेव की नहीं हुई थी शादी
गांव में बृहस्पतिवार को जब निशा देवी और सूर्यदेव के गुरुग्राम में आत्महत्या कर लेने की सूचना पहुंची तो मातम छा गया। सूर्य देव राज पुत्र रामू राज के छोटे भाई आशीष राज ने बताया कि उसकी शादी नहीं हुई थी। करीब एक माह पूर्व नोएडा, गुरुग्राम मजदूरी करने गया था। वहां पर वह किराये पर रहता था और किसी कंपनी में काम करता था। वहीं पर गांव निवासी निशा अपने तीन बच्चों व पति ललित के साथ पहले से रहती थी।
आशीष ने बताया कि निशा और सूर्यदेव का करीब डेढ़ वर्ष पहले गांव में ही फोन से संपर्क हुआ था। दोनों में प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी होने पर दोनों के परिवार वालों ने उनको बहुत समझाया था, लेकिन वह दोनों नहीं माने। बताया कि बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि भाई सूर्यदेव राज ने अपनी प्रेमिका के साथ लिपट कर ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी।
सूर्यदेव के परिवार में मां राम देवी, पिता रामू राज, बड़े भाई रामसरोज राज, बहन ममता देवी व बाबा हरद्वावारी लाल साथ रहते हैं। बड़ी बहन सविता देवी की शादी हो चुकी है। मौत की खबर मिलते ही पिता रामू, भाई रामसरोज व अन्य रिश्तेदार सूर्यदेव का शव लेने के लिए गुरुग्राम गए हैं। उनके शव लेकर रात तक आ जाने की संभावना है।