ग्रामीण इलाकों में सर्दी के बावजूद ट्रांसफार्मरों के फुुंकने में कोई खास अंतर नहीं आया है। राजकीय नलकूपों पर लगे ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी की वजह से पिछले दो महीने में 100 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। सर्दी में बिजली लोड कम होने के बावजूद लगातार ट्रांसफार्मरों के फुंकने से बिजली अधिकारियों की सिरदर्दी बढ़ती जा रही है, लेकिन उनकी शिकायत है कि घटनाओं से अवगत कराए जाने के बाद भी पुलिस इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
आंकड़ों पर गौर करें तो लखीमपुर डिवीजन में नवंबर माह में 48, अक्तूबर में 57 और सितंबर माह में 51 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंके हैं। इनमें 30 से 32 ट्रांसफार्मर तेल निकाले जाने की वजह से फुंके हैं।
रेवाही उपकेंद्र के जेई विजय शर्मा के मुताबिक नकहा और बेहजम ब्लाक क्षेत्र में राजकीय नलकूप ज्यादा हैं और इन्हीं क्षेत्रों में सबसे अधिक तेल चोरी हो रही है। जो ट्रांसफार्मर फुंके हैं, उनमें 25 केवीए की क्षमता के ट्रांसफार्मर अधिक हैं। अधिकारियों का कहना है कि सर्दी बढने के साथ ही ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी की घटनाएं भी बढ़ेगी। तेल चोरी से न सिर्फ बिजली विभाग को हर महीने लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है, बल्कि इससे नलकूप भी कई-कई दिन ठप रहते हैं। जिससे किसानों के खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
तीन दिन से फुंका है ट्रांसफार्मर
सिकंद्राबाद। नीमगांव क्षेत्र के सिकंद्राबाद कस्बे में लगा 63केवीए का ट्रांसफार्मर पिछले तीन दिन से फुंका पड़ा है। इससे कस्बे के तमाम घरों में अंधेरा फैला हुआ है। चूंकि सिकंद्राबाद कस्बा गोला उपकेंद्र से जुड़ा है और दूरी अधिक है, इसलिए लोगों के बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। इससे लोगों में रोष व्याप्त है।