बजाज ग्रुप की मिलों से भुगतान कराने पर अड़े
चार अप्रैल को ज्ञापन देकर भुगतान कराने की चेतावनी दी थी
19 अप्रैल को समय सीमा पूरी, भुगतान नहीं हुआ
बजाज ग्रुप की मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान के लिए सपा से शहर विधायक उत्कर्ष वर्मा ने सत्ता में होने के बाद भी संघर्ष का रास्ता अपनाया है। उन्होंने गन्ना किसानों के भुगतान के लिए धरने पर बैठने के लिए लोगों का आह्वान भी किया है।
शहर विधायक उत्कर्ष वर्मा ने चार अप्रैल को डीएम को ज्ञापन दिया था कि बजाज ग्रुप की जिले में स्थापित खंभारखेड़ा, गोला और पलिया चीनी मिल किसानों का गन्ना भुगतान नहीं कर रही है, जिससे किसान परेशान हैं। यदि 19 अप्रैल तक किसानों का भुगतान न हुआ तो वह 20 अप्रैल को धरना देंगे। इसके बाद विधायक ने धरने की तैयारियां शुरू कर दीं। शहर के कचहरी रोड स्थित कंपनी बाग में धरनास्थल प्रस्तावित कर कई होर्डिंग लगवाए गए हैं, जिस पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा गोला विधायक विनय तिवारी, कस्ता विधायक सुनील भार्गव लाला, श्रीनगर रामसरन और निघासन विधायक केजी पटेल की तस्वीर के साथ वरिष्ठ पदाधिकारियों के भी फोटो लगे हैं। होर्डिंग में विधायक उत्कर्ष वर्मा से सभी से किसानों के लिए धरने में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को सुबह 10 बजे से कंपनी बाग में वह समर्थकों संग धरने पर बैठेंगे।
विधायक की चेतावनी पर सक्रिय हुआ था प्रशासन
विधायक की चेतावनी को डीएम ने गंभीरता से लेते हुए मिल अध्यासियों के साथ छह अप्रैल को बैठक की थी और 14 दिन से अधिक का भुगतान न करने वाली मिलों के अध्यासियों से सात अप्रैल की दोपहर तक भुगतान शेड्यूल मांगा था। इसमें मिलों को यह बताना था कि वह कितने दिनों में कितना-कितना भुगतान किसानों को कर देंगी। बजाज ग्रुप की मिलों ने 10 अप्रैल तक भुगतान शेड्यूल नहीं दिया। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई थी और डीसीओ के निर्देश पर समिति सचिवों की ओर से पलिया चीनी मिल के अध्यासी पर पलिया में, गोला के अध्यासी पर गोला में, जबकि खंभारखेड़ा मिल के अध्यासी पर कोतवाली सदर में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद 16 अप्रैल की रात में तीनों मिलों में एसडीएम और सीओ ने छापेमारी की थी और मिल प्रबंधन को जल्द गन्ना भुगतान करने के निर्देश दिए थे।
धरने में शामिल किए गए विधायक असमंजस में
धरने के प्रचार प्रसार के लिए लगवाई गई होर्डिंग में फोटो लगवाए जाने से चारों विधायक असमंजस में हैं। हालांकि कस्ता विधायक सुनील लाला का कहना है कि धरने से मेरा कोई लेना देना नहीं है। व्यक्तिगत रूप से विधायक उत्कर्ष के साथ हूं, लेकिन सरकार विरोधी धरने में नहीं। उधर गोला विधायक विनय तिवारी कुछ भी कहने से कन्नी काट गए, जबकि निघासन विधायक केजी पटेल ने कहा कि उन्हें पार्टी हाईकमान ने लखनऊ बुलाया है, इसलिए वह कुछ कह नहीं सकते। श्रीनगर विधायक रामसरन ने भी कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
गन्ना किसानों को भुगतान दिलवाकर रहूंगा
शहर विधायक उत्कर्ष वर्मा का कहना है कि दिन रात की मेहनत और सारी पूंजी लगाने के बाद किसान अपना गन्ना चीनी मिलों के हवाले कर देता है। इसके बाद वह पेमेन्ट के लिए भटकता है और मिल मालिक एसी में मौज करते हैं। पेमेन्ट के अभाव में किसी किसान की बिटिया के हाथ पीले नहीं हो पाते तो किसी के पाल्य की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाती। यहां तक कि धनाभाव में अगली फसल भी बर्बाद हो जाती है। किसानों के दर्द को उन्होंने महसूस किया है और मिल मालिकों से भुगतान दिलवाकर रहेंगे। इसके लिए वह बड़े से बड़ा संघर्ष छेड़ने को तैयार हैं।