बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। अमेरिका के ब्रांक्स जू में एक बाघिन के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से जारी गाइड लाइन पर दुधवा टाइगर रिजर्व में कार्यों पर अमल शुरू हो गया है। इसके लिए एक टॉस्क फोर्स का गठन भी किया गया है। वहीं कोई वन्यजीव खासकर बाघ या तेंदुआ कोरोना संक्रमित तो नही है, इसकी निगरानी के लिए कैमरे लगवाए जा रहे है।
वन्यजीवों को कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइड लाइन के अनुसार पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एफडी/दुधवा टाइगर रिजर्व के प्रभारी फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन के नेतृत्व में एक टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। जिसमें सभी डीएफओ/डीडी सदस्य होंगे। साथ ही इसमें (डब्लूूटीआई) वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अलावा स्थानीय डॉक्टर भी शामिल होंगे। इसके अलावा बाघों/तेंदुओं की निगरानी के लिए टाइगर मूवमेंट वाले चिह्नित स्थलों पर कैमरे लगवाए जा रहे हैं। जिनके माध्यम से बाघों/ तेंदुओं की गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। जिनका आईवीआरआई बरेली में परीक्षण करके यह पता लगाया जाएगा कि उनमें कोविड-19 के कोई लक्षण तो नहीं हैं। यदि किसी बाघ या तेंदुए में ऐसे कोई लक्षण पाए जाते हैं तो इसकी सूचना उच्च स्तरीय कमेटी को दी जाएगी और संबधित को दूसरे जानवरों से अलग रखने का प्रयास किया जाएगा।
सुरक्षा उपकरणों से लैस रहेंगी टीमें
डीटीआर में वन्यजीवों की निगरानी करने वाली टीमें कोविड-19 से बचाव के सारे सुरक्षा उपकरणों से पूरी तरह लैस रहेंगी। टीम के मेंबर मॉस्क, दस्ताने पहनेंगे और हाथों को सैनिटाइज करेंगे। जंगल में यदि किसी वन्यजीव की मृत्यु हो जाती है तो उसका बिसरा सुरक्षित कर आईवीआरआई बरेली जांच के लिए भेजा जाएगा। वन्यजीव का शव बरामद करने से लेकर पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और कर्मचारी पीपीई किट का इस्तेमाल करेंगे।
दुधवा के पालतू हाथियों के रख-रखाव पर भी बरती जाएगी सावधानी
दुधवा के पालूत हाथी सबसे ज्यादा इंसानों के संपर्क में रहते हैं। इसलिए उनकी देखभाल करने वाले महावतों और चारा कटर आदि को मॉस्क पहनने, हाथों को सैनिटाइज करने आदि के निर्देश दिए गए हैं।
सामाजिक दूरी का रखा जाएगा विशेष ख्याल
वन्यजीवों की निगरानी, रख-रखाव और पेट्रोलिंग आदि कार्यों के लिए डीटीआर के अधिकारियों से लेकर फील्ड स्टॉफ और वॉचरों के बीच सामाजिक दूरी बनाए रखने का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन्यजीव प्रभाग और एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुधवा टाइगर रिजर्व में कोविड-19 के सुरक्षा उपायों और निगरानी के कार्यों पर अमल शुरू कर दिया गया है। पालतू हाथियों के रख-रखाव पर भी पूरी सावधानी बरती जाएगी।
- सुनील पांडेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), उप्र
दुधवा टाइगर रिजर्व में एफडी के नेतृत्व में एक टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। बाघों और तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी बाघ/तेंदुए में कोविड-19 के लक्षण मिले तो उन्हें चिह्नित किया जा सके।
-एच मोहन राजा, एफडी पीटीआर/ प्रभारी एफडी, डीटीआर