ममरी। शुक्रवार की शाम हैदराबाद थाना क्षेत्र के पन्नापुर गांव की आबादी से सटी नहर कोठी के पास बाघ ने नीलगाय पर हमला कर उसे मार डाला।
पन्नापुर के ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की सुबह जब वह लोग खेतों में गए तो वहां नीलगाय का अधखाया शव और बाघ के पगचिह्न मिले। लोगों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे फारेस्टर रोहित श्रीवास्तव, लालू वर्मा, नरेंद्र कुमार, आदि वनकर्मियों ने ग्रामीणों संग मौके का निरीक्षण कर बाघ के हमले की पुष्टि कर बताया कि बाघ अभी भी कोठी के आसपास गन्ने के खेत में मौजूद है। उन्होंने गांव वालों से सतर्क रहने को कहा है। इससे पूर्व बाघ लीलापुर और जमुनहा खेड़ा गांव के बीच एक गाय, एक सांड़, दो बछड़ों को शिकार बना चुका है, जिससे क्षेत्र में दहशत कम नहीं हो रही है। गांव वालों का कहना है कि वनकर्मी गांव में बैठक कर चले जाते हैं, लेकिन बाघ को जंगल में खदेड़ने की कोशिश नहीं की जा रही है, जिससे खेतों में काम करते हुए डर लगता है। वहीं मोहम्मदी महेशपुर रेंज के रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि वन कर्मियों की टीम मौके पर भेजकर बाघ की निगरानी कराई जा रही है, साथ ही ग्रामीणों को सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
गुलरिया: बाघ ने बछड़े को मार डाला
गुलरिया। गोला रेंज की रायपुर बीट के पड़रिया तुला गांव में गन्ने खेत में बैठे बाघ को देखकर गांव निवासी विजय शर्मा प्रजापति के होश उड़ गए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वह अपने खेतों की तरफ साइकिल से गए थे। गांव से आधा किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में उन्हें अचानक बाघ दिखाई दिया, जिसे देख वह घबरा गए। इस दौरान मुड़िया हेमसिंह की तरफ से ट्रैक्टर आ गया, जिसकी आड़ में होकर विजय शर्मा साइकिल से घर की तरफ चले आए। बाद में उसी खेत के पास एक बछड़े का शव मिला। रायपुर बीट के फारेस्टर कुलदीप सिंह का कहना है कि बाघ के हमले की उन्हें सूचना नहीं है। अगर बाघ ने बछड़े का शिकार किया है तो वह मौके पर जाकर देखेंगे। फिलहाल ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। संवाद
धौरहरा:मबाघ ने गाय को बनाया निवाला
धौरहरा। उत्तर खीरी वन प्रभाग के धौरहरा रेंज के परौरी गांव के पास बाघ ने एक बार फिर घुमंतु गाय को अपना निवाला बना डाला और बाद में पास के गन्ने के खेत में छिप गया। शनिवार सुबह करीब सात बजे परौरी गांव के पास राजेश वर्मा के खेत में घूम रही गाय को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों के शोर मचाने पर बाघ गाय के शव को छोड़कर भाग गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वनकर्मी बृजेश कुमार शुक्ला ने बाघ के पगचिह्न लेकर जांच के लिए भेजे हैं। संवाद