निघासन (लखीमपुर खीरी)। गांव अंबरपुरवा में आबादी के निकट पहुंचे बाघ ने खेतों के किनारे एक सांड़ पर हमला बोल दिया और उसका पीछा कर गांव में पहुंच गया। ग्रामीणों ने पटाखे दगाए और शोरगुल किया। ग्रामीणों को आशंका है कि बाघ गन्ने के एक खेत में छुपा है। इससे उनमें दहशत है। जानकारी के बाद वनविभाग की टीम के साथ एसडीएम ओपी गुप्ता ने मौका मुआयना किया और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की।
गांव अम्बरपुरवा निवासी विक्रम, महंगे आदि ने बताया कि वह सोमवार सुबह घर के बाहर झाड़ू लगा रहे थे। इस बीच एक सांड़ भागता हुआ उनके सामने से गुजरा। पूरब में गन्ने के खेत की ओर देखा तो घर से चंद कदमों की दूरी पर बाघ बिहारी पुरवा निवासी रमेश के गन्ने के खेत से निकल कर गांव की ओर आ रहा था। शोर मचाने पर ग्रामीण एकत्र हो गए। पटाखे दागे और शोरगुल मचाया। इस पर बाघ गन्ने के खेत में घुस गया। ग्रामीणों की सूचना पर वनविभाग की टीम के साथ एसडीएम ओपी गुप्ता, प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मौका मुआयना किया। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। गांव के बाहर वनविभाग की टीम ने तीन वॉचर तैनात किए हैं। गांव के नजदीक बाघ होने के कारण ग्रामीण खेतों की ओर जाने से घबरा रहे हैं। गांव के ही पुनई ने बताया कि बाघ को डराने के लिए घर के अंदर रात में आग जलाने के लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ी आदि रख ली है। बता दें बाघ अब तक तीन मवेशियों को मौत के घाट उतार चुका है।
महेशपुर रेंज के वनकर्मियों ने मोबाइल एप से की कांबिंग
ममरी। महेशपुर रेंज के वनकर्मियों ने जन जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को नयागांव, बिहारीपुर, रामदीनपुर, मोतीपुर, मुल्लापुर, बोझबा आदि जंगल से सटे बाघ प्रभावित क्षेत्र में खेत के आस-पास मोबाइल एप के जरिए पेट्रोलिंग की और खेतों में काम करते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। फॉरेस्टर रामनरेश वर्मा ने बताया कि पेट्रोलिंग के दौरान कुछ स्थानों पर बाघ के पगचिह्न मिले हैं। अयोध्यापुर के पूर्व प्रधान डोरेलाल, दिनेश, रमेश आदि का कहना है कि बाघ गन्ने के खेतों में विचरण करता रहता है। शिकार करने के बाद वापस जंगल चला जाता है, जिसके पगचिह्न खेतों में बने मिल रहे हैं। उधर वनकर्मियों का कहना है कि कांबिंग हो रही है, लेकिन बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिल रही है।
तेंदुए को नहीं भा रहा जंगल, अब डिमरौल के खेतों में दिखा
गुलरिया। रविवार शाम को डिमरौल निवासी शैलेंद्र शर्मा के ट्यूबवेल के पास खेत में चहलकदमी करता तेंदुआ दिखाई दिया। शैलेंद्र शर्मा अपने खेतों की तरफ कई लोगों के साथ गए हुए थे तभी अचानक उनकी नजर लाही के खेत की तरफ गई तो वहां पर तेंदुआ बैठा था। बाद में वह भाग खड़ा हुआ और गन्ने के खेतों में जा छुपा। सूचना पाकर मौके पर भीरा डिप्टी रेंजर बालकृष्ण पाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वह निरीक्षण कर ही रहे थे तभी पड़ोस के खेत से अचानक नीलगाय भागती हुई निकली और उसके पीछे तेंदुआ निकला। वनकर्मियों ने पुष्टि की कि बाघ न होकर तेंदुआ है। वनकर्मियों ने लोगों को जंगली जानवरों से सावधान रहने को कहा। साथ ही कहा कि बच्चों को खेतों की तरफ न जाने दें और अगर गन्ना छीलने जा रहे हैं तो समूह बनाकर तथा शोरगुल करते हुए जाएं। संवाद
महेशापुर में छह बकरियों को बाघ ने बनाया शिकार
बिजुआ। थाना भीरा क्षेत्र में बाघ लगातार देखा जा रहा है। इसी के चलते महेशापुर गांव के ग्रामीण की छह बकरियों को बाघ ने निवाला बना लिया।
रेंजर राकेशबाबू वर्मा ने बताया कि महेशापुर गांव के सामने जंगल है। जंगल की तरफ कुछ ग्रामीण मवेशी ले गए थे। जिनमें बांके लाल पुत्र दुजई की बकरियां जंगल के किनारे पहुंच गईं। बाघ ने सभी छह बकरियों को निवाला बना लिया। संवाद