गन्ने के बाहर बाघ के पदचिह्नों को देखती वनविभाग की टीम और ग्रामीण। संवाद
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निघासन (लखीमपुर खीरी)। क्षेत्र में बाघ की दहशत बरकरार है। तीन मवेशियों को शिकार बनाने के बाद रविवार को बाघ ने रानीगंज के पास एक भेड़ को मार दिया। बाघ के लगातार हमलों से लोगों में दहशत है। वनविभाग और ग्रामीण जंगल के किनारे कांबिंग कर रहे हैं। लेकिन बाघ का कहीं पता नहीं चल सका है।
गांव बिहारी पुरवा निवासी अवधराम ने बताया कि वह अपने भतीजे संदीप के साथ रविवार दोपहर भेड़ चराने गए थे। भेड़ चराते हुए वह रानीगंज गन्नाक्रय केंद्र के पास उत्तर की तरफ स्थित जेबदा ताल के पास पहुंचे। वहां पर गोविंदपुर फार्म निवासी रूप सिंह के खेत में छिपे बाघ ने भेड़ों पर हमला कर दिया और उसमें से एक भेड़ को गन्ने के खेत में उठा ले गया। इस दौरान बाघ को सामने देखकर दोनों के होश उड़ गए और उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे लुधौरी रेंजर राममिलन ने अपने साथियों के साथ कांबिंंग की। लेकिन उस वक्त न तो भेड़ मिली और न ही बाघ दिखा। रेंजर ने बताया कि बाघ के पगचिह्न गन्ने के खेत में मिले है। जिससे बाघ के उसी खेत में छुपे होने की आशंका है। संवाद