बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज और बांकेगंज कस्बे से तीन किलोमीटर दूर चौधीपुर गांव आबादी में घुसे तेंदुए ने एक बकरी पर हमला कर उसे मार डाला। यह देख दहशत में आए ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ बकरी के शव को छोड़कर गन्ने के खेत में छिप गया।
मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से सटे चौधीपुर गांव आबादी में गुरुवार शाम पांच बजे करीब घुसे तेंदुए ने गांव से सटे खेत में चर रही मुकेश की पालतू बकरी पर हमला कर उसे मार डाला। यह देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। उनके शोर मचाने पर तेंदुआ बकरी के शव को मौके पर छोड़कर गन्ने के खेत में घुस गया। ग्रामीणों की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचे फॉरेस्टर महावीर सिंह, रामपाल वर्मा ने बकरी का शव देखकर हमले की पुष्टि की है। वन कर्मियों ने जमीन में गड्ढ़ा खोदकर बकरी के शव को दफन कर दिया गया।
उधर दिन-दहाड़े आबादी में घुसकर तेंदुए के हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत है। तेेंदुए के हमले से घबराए लोगों का कहना है कि जंगल से निकलकर तेंदुआ आए दिन आबादी से सटे गन्ने के खेतों में पहुंच जाता है। शाम ढलते ही गन्ने के खेतों से उसके रुक-रुक कर गुर्राने की आवाज सारी रात सुनाई देती रहती है। लोगों का कहना है कि तेंदुआ आए दिन गांव में घुसकर खेत में चर रही बकरियों पर हमला कर मार डालता है। बावजूद इसके वन विभाग जान बूझकर लापरवाह बना हुआ है।
--
मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से सटे चौधीपुर गांव में तेंदुए हमले से एक बकरी की मौत की सूचना मिली है। तेंदुए की निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीम गठित की गई है। बकरी मालिक को वन विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीणों से अपील है कि वे खेतों की ओर समूह में और शोर मचाते हुए जाएं। तेंदुआ के दुबारा दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
विलासपुरवा में दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
ईसानगर। जंगलों से निकलकर आबादी की तरफ रुख कर चुके तेंदुए के हमले जारी है। तीन लोगों को मार चुका हिंसक तेंदुआ गुरुवार की शाम विलासपुरवा गांव में देखा गया। ग्रामीणों को तेंदुए को चहलकदमी करते देखा, तो खलबली मच गई। ग्रामीणों ने मोर्चा संभालते हुए उसे अपने क्षेत्र से खदेड़कर राहत की सांस ली। वहीं अन्य गांवों में तेंदुए को लेकर दहशत व्याप्त हो गई है।
खमरिया क्षेत्र के गांव बैबहा में दो दिन पहले गांव की आबादी से सटे एक गन्ने के खेत मे एक बछड़े का अधखाया शव मिला था। तब फारेस्ट की टीम पगमार्क तलाशने में जुटी रही और ग्रामीणों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी थी। जबकि तेंदुआ आस पास ही था, लेकिन उसे खोजने का काम किसी ने नहीं किया। गुरुवार की शाम शेरपुर गांव के मजरा विलसापुरवा के पास रामखेलावन के खेत के पास रास्ते पर ग्रामीणों को तेंदुआ चहलकदमी करता दिख गया, जिसको देख ग्रामीणों ने एकजुट होकर मोर्चा संभालते हुए उसे खदेड़कर अपने गांव के बाहर कर राहत की सांस ली। वहीं तेंदुए के बारे में आस पड़ोस के गांवों में जानकारी मिलते ही दहशत व्याप्त हो गई है। वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि हिंसक तेंदुआ खासकर छोटे बच्चों को अपना शिकार आसानी से बना लेता है। फिलहाल ग्रामीण फॉरेस्ट कर्मियों की सलाह के बाद दहशत में आ गए है। जबकि ग्रामीणों ने पास के गांवों में भी तेंदुआ देखे जाने की बात कही है। संवाद