गन्ने के खेत में तेंदुए को तलाशते वनकर्मी। संवाद
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ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। क्षेत्र में तीन बच्चों को मौत के घाट उतारने वाला तेंदुआ ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना है। गनापुर वन बीट के करीब पांच किलोमीटर के दायरे में दहशत का पर्याय बन चुके हिंसक तेंदुए का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की देर शाम बनटुकरा गांव में हिंसक तेंदुए ने घरों में घुसने की कोशिश की। हालांकि ग्रामीणों के शोरगुल करने के बाद एक और बड़ी वारदात होने से टल गई और तेंदुआ भाग गया। ग्रामीणों ने रात में ही वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी।
बनटुकरा गांव के निवासी अच्छे लाल ने बताया कि देर शाम पूरा घर दीपावली मनाने के बाद सोने चला गया। इसी बीच शिकार की नीयत से हिंसक तेंदुआ गांव में घुस गया। तेंदुए को देखकर ग्रामीणों ने शोरगुल किया। इस पर तेंदुआ एक गन्ने के खेत में चला गया। वह कुछ देर बाद घर के बाहर खड़े थे। इसी बीच तेंदुआ आता दिखा। जिसपर शोर मचाया तो उसने प्रमोद के घर में घुसने की कोशिश की। काफी शोरगुल होने के बाद एकत्र हुए ग्रामीणों ने उसे गांव से खदेड़ा तो वह एक गन्ने के खेत मे घुस गया। भयभीत ग्रामीणों ने वन विभाग को घटना से अवगत कराते हुए सुरक्षा की अपील की। जिस पर गांव में वन विभाग की टीम ने सतर्कता बड़ा दी है। बीते करीब 70 दिनों से नदी पार इलाके की गनापुर वन बीट में तेंदुओं का आतंक बना हुआ है। वन विभाग जहां एक तेंदुए के आमद की पुष्टि कर रहा है वहीं ग्रामीण कई हिंसक जानवरों के होने का दावा कर रहे है। वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल बिछाए है, लेकिन अब तक कोई सार्थक परिणाम सामने नही आया है। ग्रामीण काम काज छोड़कर अपने घरों में दुबकने के लिए मजबूर है। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने गांव में तेंदुए के घुसने की पुष्टि की है। संवाद