बेला गढ़ी गांव में पिंजड़े के पास घूमता रहा तेंदुआ। संवाद
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धौरहरा/ईसानगर। वन रेंज के चकदहा और साहबदीन पुरवा गांव में दो बच्चों को मारने वाला तेंदुआ वन विभाग के पिंजड़े के पास तक आता है। आसपास चहलकदमी भी करता है, लेकिन खतरा भांपकर लौट जाता है। अब तक तेंदुआ पिंजड़े के बाहर बंधी तीन बकरियों का शिकार कर चुका है। वहीं दूसरी मादा तेंदुआ धूसाखुर्द गांव के खेतों में डेरा जमाए है।
धौरहरा वन रेंज के बंशीबेली गांव में वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए तीन पिंजड़े और 15 कैमरे लगाए हैं। बकरियों को पिंजड़े के अंदर और बाहर बांधा जा रहा है, लेकिन तेंदुआ पिंजड़े के बाहर बंधी एक-एक कर तीन बकरियों का अब तक शिकार तो कर चुका है, लेकिन बकरी के लिए पिंजडे़ के अंदर नहीं जाता। पिंजड़े में बकरी देखकर वह आसपास घूमता तो है, लेकिन मानो वह पिंजड़े को पहचान रहा है, इसलिए वह अंदर नहीं जाता है। इधर धूसाखुर्द गांव में एक किसान की बछिया का शिकार करने वाली मादा तेंदुआ गन्ने के खेतों में डेरा जमाए है। यह पड़ोसी गांव सहबाजपुर में भी देखी। वन विभाग की टीम दोनों जगहों पर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि बंशीबेली वाला तेंदुआ शायद कभी पिंजड़े में कैद हो चुका है। इसलिए बाहर बंधी बकरी का शिकार तो करता है, लेकिन पिंजड़े के अंदर नहीं जाता। टीम लगी है, जल्द कामयाबी भी मिलेगी। संवाद