बांकेगंज जंगल से सटे बाहरी इलाके में छानबीन करती वन कर्मियों की टीम।
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज जंगल से सटे खेतों में बाघिन का शिकार होने के बाद पूरे दुधवा टाइगर रिजर्व में सतर्कता बरती जा रही है।
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जंगल से सटे खेतों जहां प्राय: बाघों की गतिविधियां रहती हैं, वहां गहराई से छानबीन करें। वन कर्मचारी निरीक्षण करें कि कहीं वहां पर कोई खाबड़ या फंदा तो नहीं लगा है। साथ ही जंगल के आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई पड़े तो उससे भी पूछताछ की जाए।
इसी क्रम में मैलानी रेंज की महुरेना बीट में फॉरेस्टर राजेंद्र वर्मा ने वन कर्मियों की टीम के साथ मोहम्मदी रेंज की सहजनियां बीट जंगल से लाल्हापुर बैरियर तक करीब छह किलोमीटर पैदल गश्त की। इसके अलावा ट्रेनी आईएफएस/प्रभारी रेंज मैलानी राजेश कुमार, स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ) के सीओ अभिनव यादव के नेतृत्व में जवानों और जटपुरा बीट के फॉरेस्टर मोहम्मद उमर ने करीब सात किलोमीटर पैदल गश्त कर जंगल से सटे इलाकों की गहराई से छानबीन की। इस गश्त में वन कर्मियों और एसटीपीएफ के जवानों ने जंगल के बाहरी इलाकों के साथ ही बरौंछा नाला के अलावा जंगल से सटे धान और गन्ने के खेतों में बारीकी से छानबीन कर यह जानकारी ली कि शिकारियों ने कहीं किसी खेत मेें खाबड़, फंदा तो नहीं लगाया है।
बाघिन के शिकार के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है। विशेषकर इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि वन कर्मी जंगल से सटे खेतों में शिकार जैसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन