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अब चौखड़ा फार्म में हाथियों का उत्पात

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मझगईं (लखीमपुर खीरी)। इलाके में जंगली हाथियों का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। गुलराटांडा गांव में दो बार फसलों को तहस-नहस करने के बाद अब जंगली हाथियों ने चौखड़ा फार्म में मंगलवार रात जमकर उत्पात मचाया। गन्ने की लहलहा रही 110 बीघा फसल को नष्ट कर दिया। किसानों ने ट्रैक्टर से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। सूचना पर वनकर्मियों के साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी ने मौका मुआयना किया।
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दुधवा नेशनल पार्क के जंगल किनारे बसे गुलरा टांडा गांव में दो बार जंगली हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाते हुए फसलों को तहस-नहस कर दिया था। अब चौखड़ा फार्म में मंगलवार की रात खेतिहर इलाके में किसानों की फसलों को 50-60 की संख्या में आए हाथियों के झुंड ने रौंद दिया। लगभग दो घंटे तक हाथी खेतों में फसलों को उजाड़ते रहे। किसानों ने ट्रैक्टरों से हांका लगाकर कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। हाथियों ने किसान बलवंत सिंह, अतीक अहमद, तारा सिंह, तेजपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, ओमप्रकाश, सोमनाथ, रामआसरे, मछला देवी, सावित्री देवी आदि किसानों की लगभग 110 बीघा गन्ने की फसल को नष्ट कर दिया। उधर सूचना पाकर बुधवार सुबह मौके पर पहुंचे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव, पार्क वन दरोगा जमुना प्रसाद, फारेस्ट गार्ड शरद मिश्रा, वाचर नबी अहमद ने मौका मुआयना किया। नुकसान का आकलन करते हुए जल्द से जल्द मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
कोई कारगर कदम न उठाए जाने से किसानों में रोष
काफी समय से पार्क से निकलने वाले हाथी फसलों को उजाड़ रहे हैं। पार्क व नार्थ खीरी के इस बावत कोई कारगर कदम न उठाए जाने से किसानों में रोष है। किसानों ने रोज-रोज जंगल से निकल रहे हाथियों पर अंकुश लगाने के साथ ही चार साल में हुए नुकसान का मुआवजा जल्द से जल्द दिलाए जाने की मांग की है।
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