बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में चल रही गैंडा पुनर्वासन की महत्वाकांक्षी परियोजना में गैंडों के प्राकृतिवास को को महफूज रखने के लिए डीटीआर प्रशासन ने दक्षिण सोनारीपुर रेंज के ककरहा सेक्शन से सटकर बहने वाली सुहेली नदी पर तीन तटबंध बनवाए हैं।
सुहेली नदी नेपाल के रास्ते दुधवा नेशनल पार्क के बीचों-बीच से होकर बहती है। यह नदी दुधवा की लाइफ लाइन कही जाती है। सुहेली नदी यहां के वन्यजीवों की न केवल प्यास बुझाती है, बल्कि जंगल को हरा-भरा रखने में भी मदद करती है। इसी नदी के कारण ही यहां घास के मैदानों में हरियाली दिखाई पड़ती है। जिसकी वजह से दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के ककरहा सेक्शन में चल रही महत्वाकांक्षी गैंडा पुनर्वासन योजना में न केवल गैंडों का प्राकृतिवास समृद्ध है बल्कि बाघों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार होता है। बरसात के मौसम में नेपाली नदियों के उफनाने से कभी-कभी जंगल की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचता है। इससे बचाव के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने मृदा एवं जल संरक्षण योजना के तहत गैंडा पुनर्वासन क्षेत्र से सटकर बहने वाली सुहेली नदी के किनारे तीन तटबंध बनाए हैं। इन तटबंधों के बनने से गैंडों का प्राकृतिवास सुरक्षित रहेगा।
गैंडों के प्राकृतिवास को सुरक्षित रखने के लिए मृदा एवं जल संरक्षण योजना के तहत दक्षिण सोनारीपुर रेंज के ककरहा सेक्शन से सटकर बहने वाली सुहेली नदी किनारे तीन तटबंध बनाए गए हैं। इनका निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
-संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
बनकटी रेंज में वन्यजीव गणना को लगाए गए कैमरे चोरी
पलियाकलां दुधवा नेशनल पार्क की बनकटी रेंज के हिम्मतनगर गांव के पास जंगल में वन्यजीव गणना के लिए लगे कैमरे चोर चुरा ले गए। सूचना पर रेंजर ने डॉग स्क्वॉयड के साथ जंगल में अभियान चलाया। कई मकानों के पास जाकर चोरों को चिह्नित किया गया। इसको लेकर गौरीफंटा कोतवाली में तहरीर भी दी गई है।
बनकटी रेंजर आलोक शर्मा ने बताया कि चोरों के साक्ष्य जुटा लिए गए हैं वह शीघ्र ही पकड़ में आ जाएंगे। बताया कि गौरीफंटा कोतवाली में तहरीर दी गई है।