लखीमपुर खीरी के सोहनरा भूड़ गांव में हाथियों ने मचाया उत्पात, तहस-नहस की मड़ैया। संवाद
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा जंगल में पिछले तीन दिनों से डेरा डाले नेपाली हाथियों का उत्पात कम नहीं हो रहा है। सोमवार रात हाथियों का झुंड नकुला तिराहे होते हुए पहाड़नगर, बरौंछा और सोहनरा भूड़ गांव से सटे खेतों में पहुंच गया। हाथियों ने कई किसानों की कई एकड़ धान और गन्ने की फसल रौंद दी। खेतों की रखवाली के लिए पड़ीं मड़ैयों को तहस-नहस करने के साथ दो पंपिग सेट तोड़ डाले।
सोमवार शाम करीब आठ बजे मड़हा जंगल में घास के मैदान पर डेरा डाले नेपाली हाथियों का झुंड दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल के बाहरी किनारे पर नकुला तिराहे पर पहुंचा। जहां से इन हाथियों ने आबादी से सटे पहाड़नगर, सोहनरा भूड़ और बरोंछा गांवों की ओर अपना रुख किया।
उत्पाती हाथियों ने किसानों चंद्रपाल, जगन्नाथ, हंसराम, दुलारे, बुद्धराम, रामऔतार, राम सरन समेत कई किसानों की खेतों में लहलहाती कई एकड़ धान और गन्ने की फसल को रौंद डाला। किसान जगन्नाथ और लखन के खेत में सिंचाईं के लिए लगे पंपिग सेट को तोड़ दिया। मंगलवार सवेरे छह बजे हाथी वापस फिर मड़हा जंगल की ओर चले गए। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचे जटपुरा बीट के फॉरेस्टर सुरेंद्र कुमार ने फसल नुकसान का जायजा लेकर सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
बफरजोन मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे खेतों में हाथियों के झुंड द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली है। बफरजोन के आसपास हाथियों की चहलकदमी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन कर्मियों की टीमों को हाथियों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। हाथियों ने जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है, उन्हें वन विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। - डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन