डबल मर्डर में जेल जा चुका है पुरुषोत्तम
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों भाग गए। इसे लूट के बाद हत्या दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की जांच में साजिश की परतें खुलती चली गईं। आरोपियों की निशानदेही पर घटना से जुड़े अहम साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। सीओ ने बताया कि मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम पहले भी डबल मर्डर केस के मामले में जेल जा चुका है, वहीं प्रवेश कुमार दहेज हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
वैलेंटाइन डे पर रची थी हत्या की साजिश
पुलिस ने बताया कि गणेश त्रिपाठी अपने आठ वर्षीय बेटे नैमिष व पत्नी संध्या के साथ जयपुर राजस्थान में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। पुरुषोत्तम एक प्रतिष्ठित कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वह 14 फरवरी को संध्या से जयपुर के किसी एक होटल में मिला था। जहां गणेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। फिर वह अप्रैल माह के शुरुआत में जयपुर गया। उसने एक नया मोबाइल व नया सिम दिया। जिससे दोनों बातें करते थे। बताते हैं घटना वाले दिन दोनों के बीच व्हाट्सएप कॉल पर बातें हुईं। पत्नी संध्या अपने पति से भी व्हाट्सएप कॉल कर लोकेशन लेती रही थी।
गणेश त्रिपाठी के साथ पत्नी ने की बेवफाई
गणेश और संध्या की शादी करीब 10 वर्ष पहले हुई थी। गणेश अपनी पत्नी से काफी प्रेम करता था। उसके नाम मितौली में करीब पांच लाख रुपये के एक प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के लिए जयपुर से 15 अप्रैल को आया था। 17 अप्रैल को रजिस्ट्री की डेट तय थी, लेकिन 16 अप्रैल को ही उसकी हत्या कर दी गई। गणेश का आठ वर्षीय पुत्र नैमिष इस समय संध्या के मायके में है।