लखीमपुर खीरी। बीते नौ नवंबर की रात शहर के राजाजीपुरम में भाजपा नेता पर हमले के दो नामजद आरोपियों को कोतवाली पुलिस अभी तक नहीं ढूंढ सकी है। जबकि घटना में शामिल सात अज्ञात आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। सूत्रों की मानें तो राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस नामजद आरोपियों को ढूंढने में हीलाहवाली कर रही है।
छाउछ निवासी भाजपा कार्यकर्ता शांतनु प्रकाश तिवारी पर 30 से 40 अज्ञात हमलावरों ने लाठी डंडे आदि से प्रहार करते हुए उनकी कार क्षतिग्रस्त कर दी थी। हमले में कार्यकर्ता को चोटें आईं थीं। सदर विधायक के करीबी शांतनु पर जानलेवा हमले की जानकारी मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। रात को ही सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी, शहर कोतवाल राजेश कुमार सिंह के अलावा आस पास के चौकी की फोर्स मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर मौके से भाग चुके थे।
तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने दो नामजद सहित 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी थी। पुलिस के मुताबिक सीसी कैमरे में कैद हुए हमलावरों को ट्रेस करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद सभी को कोर्ट भेजा गया था। लोगों का कहना है कि पुलिस नामजद दोनों आरोपियों निश्चय सिंह तोमर, देवेंद्र वर्मा उर्फ देवा का आज तक पता नहीं लगा सकी है।कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार टीमें दबिश दे रही हैं, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
गिरफ्तारी न होने के पीछे राजनैतिक दखल की सामने आ रही बात
घटना में नामजद दोनों आरोपियों निश्चय सिंह तोमर, देवेंद्र वर्मा उर्फ देवा घटना के बाद से अचानक गायब हो गए। पुलिस इन दोनों की गिरफ्तारी में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। सूत्र बताते हैं कि दोनों आरोपी के परिजनों की राजनैतिक पकड़ मजबूत है। ऐसे में पुलिस दबिश देने से भी घबरा रही है। हालांकि इस मामले में एसपी संकल्प शर्मा ने कोतवाली पुलिस को 24 घंटे के भीतर सभी की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, लेकिन इस आदेश का भी कोई असर देखने को नहीं मिला।