अगले हफ्ता हो सकता है निरीक्षण
कार्यदायी संस्था के मैलानी-पीलीभीत रेल विद्युतीकरण परियोजना के सेक्शन प्रभारी कृष्ण मोहन विश्वकर्मा के मुताबिक अगले हफ्ते प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर पीसीईई गोरखपुर विद्युतीकरण का निरीक्षण कर सब कुछ ओके मिलने पर ट्रेनें चलाने को हरी झंडी दे देंगे। इसके बाद ट्रेनें चलाने की जिम्मेदार रेलवे की होगी।
विद्युतीकरण कार्य पूरा होने और इंजन ट्रायल होने के बाद अब क्षेत्रवासियों में इस रूट पर ट्रेनें चलने का बेसब्री से इंतजार है। कारण पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से इस रूट पर ट्रेनें बंद हैं। मैलानी से सेहरामऊ, कुर्रैया, दूधिया खुर्द, पूरनपुर, शाहगढ़ तक जाने को पिछले पांच वर्षों में कोई बस सेवा शुरू नहीं हो सकी, नतीजतन लोगों को मजबूरन डग्गामार वाहनों के सहारे गंतव्य को जाना पड़ता है। इसमें अधिक खर्च होने के साथ-साथ परेशानियां और जान का खतरा भी बना रहता है।
कारोबार भी चल रहा है प्रभावित
मैलानी-शाहगढ़ सेक्शन में ट्रेनों का आवागमन बंद होने से यहां कारोबार भी प्रभावित हुआ है। सेहरामऊ, कुर्रैया, दूधिया खुर्द, पूरनपुर, शाहगढ़ से लोगों का यहां आवागमन होने से कारोबार ठीकठाक चलता था। ट्रेनें बंद होने के बाद से रेलवे स्टेशन चौराहा के आसपास संचालित कई होटल तो बंद हो चुके हैं। होटल संचालक पिछले पांच वर्षों से रोटी-रोजी के लिए जूझ रहे हैं। इनका कहना है कि पीलीभीत तक न सही कम से कम शाहगढ़ तक ही ट्रेनें चल जाएं, तो कारोबार पुन: शुरू होने की उम्मीद है।
मैलानी से सीधे पीलीभीत तक लगेगा वक्त
मैलानी से सीधे पीलीभीत तक ट्रेनें चलने में अभी खासा वक्त लगने की उम्मीद है। संदेई हाल्ट और माला के बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से ट्रैक गुजरने के कारण वन विभाग की आपत्ति से आमान परिवर्तन का काम रुका हुआ था। जोकि एनओसी मिलने के बाद शुरू हो गया। अभी सिविल वर्क चल रहा है। उसके बाद विद्युतीकरण होगा, तब जाकर पीलीभीत तक ट्रेन की सौगात मिल सकेगी।