लखीमपुर खीरी। गणेश चतुर्थी के साथ ही जिले में मिठाइयों का कारोबार बढ़ गया है। शहर में सजे गणेश पंडालों और घरों में स्थापित प्रतिमाओं के पूजन-अर्चन के साथ प्रसाद की मांग बढ़ी है। इनमें मोदक की सबसे ज्यादा मांग है। मिठाई की दुकानों पर अलग-अलग स्वाद और आकार के मोदक तैयार किए जा रहे हैं।
14 सितंबर से शुरू हुए गणेश उत्सव में कहीं पांच, कहीं सात तो कहीं 11 दिन तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन सुबह-शाम आरती और भजन-कीर्तन के बाद भगवान गणेश को मोदक, मोतीचूर के लड्डू, बेसन के लड्डू समेत अन्य मिठाइयों का भोग लगाया जा रहा है। इससे मिठाई की दुकानों पर खरीदारों की आवाजाही बढ़ी है।
बाजार में भाप से तैयार पारंपरिक मोदक के साथ चॉकलेट, पाइनएप्पल, केसरिया, वनीला और मावा के मोदक भी उपलब्ध हैं। दुकानदार अवधेश, राजू और दिलीप ने बताया कि गणेश चतुर्थी के पहले दिन सोमवार को मोदक की अच्छी बिक्री हुई। एक दिन पहले से ही इसकी मांग शुरू हो गई थी। उत्सव के समापन तक बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।
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प्रसाद के भाव किलो में
मोदक : 400 से 600 रुपये तक
मोतीचूर लड्डू : 200 से 500 रुपये तक
बेसन लड्डू : 250 से 600 रुपये तक
गणेश चतुर्थी को लेकर मोदक की मांग काफी बढ़ गई है। ग्राहक भगवान गणेश को भोग लगाने के साथ प्रसाद के लिए भी मोदक खरीद रहे हैं। इस बार अलग-अलग स्वाद और आकार के मोदक तैयार किए गए हैं।
-अवधेश कुमार लल्ला, मिठाई दुकानदार
गणेश उत्सव में प्रसाद और भोग के लिए सबसे अधिक मोदक की बिक्री हो रही है। त्योहार को देखते हुए दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में मोदक तैयार कराए जा रहे हैं।
-राजू गुप्ता, मिठाई दुकानदार
गणेश पूजा के लिए बाजार में रखे तरह तरह के मोदक। संवाद
गणेश पूजा के लिए बाजार में रखे तरह तरह के मोदक। संवाद