गेहूं खरीद में खीरी जिला अब तक पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है। यह जानकारी डीएम के गेहूं खरीद की समीक्षा के दौरान दी गई। डीएम किंजल सिंह ने गेहूं खरीद से जुड़े अफसरों और सभी एसडीएम की बैठक लेकर गेहूं खरीद की समीक्षा की। जिले का गेहूं खरीद का लक्ष्य 1,56,000 मीट्रिक टन था। इसके सापेक्ष अब तक जिले में 23,092.98 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि खरीदे गए गेहूं में से 16,187.25 मीट्रिक टन गेहूं भारतीय खाद्य निगम को डिलीवर किया गया है जो खरीद का 70 फीसदी है। अभी तक 2495 किसानों से यह गेहूं खरीदा गया है। किसानों को 3,348.48 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गेहूं खरीद में प्रदेश में लखीमपुर-खीरी के पहले स्थान पर आने के लिए डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को बधाई दी।
बैठक में सबसे पहले उन खरीद केंद्रों की समीक्षा की गई जहां अभी तक गेहूं खरीद शून्य है। इस संबंध में सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह सभी केंद्रों को क्रियाशील कराएं। इसके अलावा राज्य भंडार निगम का पलिया डिपो बंद होने के कारण गोला डिपो में ट्रकों की भीड़ लगने पर चर्चा की गई। डीएम ने भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक को निर्देश दिए कि फिर से पलिया डिपो पलिया में गेहूं रखने का इंतजाम करें।
कर्मचारी कल्याण निगम में पर्याप्त बोरे और धन न होने के कारण खरीद न प्रभावित हो इसके लिए जिला प्रबंधक को तुरंत धन और बोरे उपलब्ध कराने के लिए डीएम ने निर्देश दिया। जिले में पंजीकृत समितियां जैसे कृषक बहुद्देशीय विपणन सहकारी समिति बुंदेलखंड, कृषि उत्पादन विपणन सहकारी समिति और इंडियन कामर्शियल एग्रीकल्चर कोआपरेटिव लिमिटेड को अभी तक धन और बोरे उपलब्ध न कराने के कारण इनको कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम हरिकेश चौरसिया, डिप्टी आरएमओ चंद्रभान उत्तम, सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।