फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: अजगर समझ जिसे पकड़ रहे थे लोग, वह निकला रसेल वाइपर

Tue, 20 Oct 2026 10:44 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
पलिया में रेस्क्यू के दौरान प्लास्टिक बोरी में जाता सांप। स्रोत: सोशल मीडिया
विज्ञापन
पलियाकलां। पलिया देहात ब्लॉक के समीप झाड़ियों के पास एक विशालकाय सांप दिखाई दिया। स्थानीय लोग शुरुआत में उसके भारी-भरकम शरीर और बनावट को देखकर अजगर समझ बैठे और खुद ही पकड़ने का प्रयास करने लगे। हालांकि गनीमत रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं घटी और लोग समय रहते किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। हालांकि, बाद में पता चला कि वह रसेल वाइपर था।
विज्ञापन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पलिया के सूरज मिश्रा और आलोक दुबे ने वन्यजीव रक्षक रामगोविंद को पूरे मामले से अवगत कराया, सूचना पाकर वह मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचकर जब टीम ने मुआयना किया तो पांच फुट से भी अधिक लंबा रसेल वाइपर देखकर सभी दंग रह गए। रसेल वाइपर देश के सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है।
रामगोविंद ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए एकत्रित भीड़ को पीछे हटाया और लोगों को उसके खतरनाक विषैलेपन के बारे में सचेत किया। इसके बाद टीम ने अत्यधिक सावधानी और भारी मशक्कत के साथ सांप का सफल रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित थैले में पैक किया। रेस्क्यू के उपरांत कई लोगों के सहयोग से सांप को दुधवा टाइगर रिजर्व अंतर्गत नकौवा पुल के पास घने प्राकृतिक वास में सकुशल छोड़ दिया गया।
विज्ञापन

रामगोविंद ने बताया कि इस इलाके में पिछले कुछ समय से रसेल वाइपर की संख्या में असामान्य बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि डिग्री कॉलेज, महाकाल सिटी से लेकर ब्लॉक क्षेत्र तक लगातार इस प्रजाति के सांपों का रेस्क्यू किया जा चुका है। बनावट में अजगर जैसा दिखने के कारण लोग अक्सर इसे बिना जहर वाला समझकर छूने या पकड़ने की भूल कर बैठते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि कोई भी सांप दिखने पर उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें