पलिया में रेस्क्यू के दौरान प्लास्टिक बोरी में जाता सांप। स्रोत: सोशल मीडिया
पलियाकलां। पलिया देहात ब्लॉक के समीप झाड़ियों के पास एक विशालकाय सांप दिखाई दिया। स्थानीय लोग शुरुआत में उसके भारी-भरकम शरीर और बनावट को देखकर अजगर समझ बैठे और खुद ही पकड़ने का प्रयास करने लगे। हालांकि गनीमत रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं घटी और लोग समय रहते किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। हालांकि, बाद में पता चला कि वह रसेल वाइपर था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पलिया के सूरज मिश्रा और आलोक दुबे ने वन्यजीव रक्षक रामगोविंद को पूरे मामले से अवगत कराया, सूचना पाकर वह मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचकर जब टीम ने मुआयना किया तो पांच फुट से भी अधिक लंबा रसेल वाइपर देखकर सभी दंग रह गए। रसेल वाइपर देश के सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है।
रामगोविंद ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए एकत्रित भीड़ को पीछे हटाया और लोगों को उसके खतरनाक विषैलेपन के बारे में सचेत किया। इसके बाद टीम ने अत्यधिक सावधानी और भारी मशक्कत के साथ सांप का सफल रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित थैले में पैक किया। रेस्क्यू के उपरांत कई लोगों के सहयोग से सांप को दुधवा टाइगर रिजर्व अंतर्गत नकौवा पुल के पास घने प्राकृतिक वास में सकुशल छोड़ दिया गया।
रामगोविंद ने बताया कि इस इलाके में पिछले कुछ समय से रसेल वाइपर की संख्या में असामान्य बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि डिग्री कॉलेज, महाकाल सिटी से लेकर ब्लॉक क्षेत्र तक लगातार इस प्रजाति के सांपों का रेस्क्यू किया जा चुका है। बनावट में अजगर जैसा दिखने के कारण लोग अक्सर इसे बिना जहर वाला समझकर छूने या पकड़ने की भूल कर बैठते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि कोई भी सांप दिखने पर उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचित करें।